संक्रांति Mahotsav में धार्मिक और सांस्कृतिक धूम, युवा संगीतकारों ने बढ़ाया उत्सव का रंग
महाराष्ट्र की मायानगरी मुंबई की पुण्यनगरी लालबाग स्थित श्री गुंदेशा गार्डन जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ में इस बार संक्रांति Mahotsav का आयोजन भव्य तरीके से किया गया। यह Mahotsav परम पूजनीय गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वर जी महाराज के शुभ सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जैन समुदाय के सभी संघों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे आयोजन को एक भव्य धार्मिक उत्सव का रूप दिया।
संगीत और मनोरंजन से Mahotsav हुआ और भी रंगीन
Mahotsav की सबसे खास विशेषता रही सुप्रसिद्ध युवा संगीतकार अनिश भाई राठौड़ और भव्य भाई की प्रस्तुतियां। दोनों कलाकारों ने संक्रांति के अवसर पर दर्शकों के लिए एक से बढ़कर एक भजन, भक्ति और संगीत की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित परिवार और भक्तजन पूरी तरह आनंदित नजर आए और उनके उत्साह से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

मुमुक्षु वैभव भाई की दीक्षा का भव्य आमंत्रण
कार्यक्रम में विशेष रूप से मुमुक्षु वैभव भाई का सम्मान किया गया। वैभव भाई ने 19 फरवरी 2026 को ठाणे में अपनी दीक्षा लेने का भावपूर्ण आमंत्रण सभी सकल संघों को दिया। इस आमंत्रण को सुनकर उपस्थित संघों और भक्तों ने उनकी आगामी आध्यात्मिक यात्रा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
जैन संघों ने जताई आस्था और भावभक्ति
इस संक्रांति Mahotsav के आयोजन में लुधियाना जैन संघ, दिल्ली जैन संघ, अम्बाला जैन संघ और पुणे में प्रतिष्ठा महोत्सव के संघों ने भावभरी विनंती की और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। उपस्थित गच्छाधिपति को गोडवाड ओसवाल जैन संघ गुलालवाड़ी, दिपक ज्योति जैन संघ और अन्य कई संघों ने अपने सादर आमंत्रण और भावपूर्ण स्वागत के साथ सम्मानित किया।
आयोजन में प्रमुख उपस्थित व्यक्तित्व
इस अवसर पर संपूर्ण जैन समुदाय के प्रमुख सदस्यों की भी मौजूदगी रही। उनमें राजेन्द्र जी मंडलेशा (गोडवाड ओसवाल जैन संघ गुलालवाड़ी अध्यक्ष), प्रविण भाई मेहता (श्री वरकाणा तीर्थ उपाध्यक्ष), भरतजी परमार (श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय उपाध्यक्ष), कनकजी परमार (समाजसेवी), सुखनजी परमार (वरकाणा तीर्थ ट्रस्टी), प्रकाश जी ढालावत (मानव सेवा प्रेमी), दिलीप भाई (आत्मवल्भ सदस्य), मोहनजी और चांदमलजी (परम गुरूभक्त), महिपाल जी कांकरिया (वरकाणा जैन मित्र मंडल अध्यक्ष), हरिश भाई लुधियाना, भरत भाई ठाणे, किरण भाई चाणोद, कुनाल भाई ठाणे, विमल जी रांका, केवलचंदजी घी वाले, कमलेश भाई बिजोवा और के विक्रम सुराणा जैसे गणमान्य व्यक्तित्व शामिल थे।
आयोजन की धार्मिक और सामाजिक महत्ता
इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल संक्रांति के पावन अवसर पर सामूहिक भक्ति और Mahotsav मनाना था, बल्कि जैन समुदाय के भीतर धार्मिक एकता, संस्कृति और अनुशासन को भी बढ़ावा देना था। उपस्थित सभी संघों और समाजसेवियों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को धर्म और संस्कृति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
समिति और संघों की सक्रिय भागीदारी
गुंदेशा गार्डन के सकल जैन संघ ने कार्यक्रम के आयोजन में हर प्रकार की सुविधा प्रदान की। मंच सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, भोजन और जल की व्यवस्था, संगीत प्रस्तुति और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। इस आयोजन के लिए कई महीनों से तैयारी की गई थी और इसे सफल बनाने में संघ के सभी सदस्य पूरी तरह सक्रिय रहे।
आयोजन के लाभार्थी परिवार
इस संक्रांति Mahotsav के मुख्य लाभार्थी हरिश कुमार जेठमलजी तलेसरा परिवार रहे। परिवार ने इस आयोजन में अपनी पूरी सहभागिता दी और समाज एवं धर्म के उत्थान के लिए आयोजित इस कार्यक्रम को यादगार बनाने में योगदान दिया।
निष्कर्ष
गुंदेशा गार्डन में आयोजित यह संक्रांति Mahotsav न केवल एक धार्मिक उत्सव रहा, बल्कि जैन समाज के सामूहिक संगठन, युवा प्रतिभाओं का मंच और सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान का अद्भुत उदाहरण भी साबित हुआ। उपस्थित भक्तजन, संगीतकार, साधु-साध्वी और समाजसेवी इस आयोजन के माध्यम से एकजुट होकर समुदाय के भीतर एकता, सेवा और भक्ति का संदेश देने में सफल रहे।
