संदीपनी विद्यालय जलभराव समस्या पिछले 3 वर्षों से बनी हुई है। हटा के गांधी वार्ड में बारिश के दौरान बच्चे कीचड़ और जलभराव से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक मालती जैन, सीएमओ राकेश मार्कम और स्थानीय नागरिकों ने स्थायी समाधान की मांग की है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
3 साल से संदीपनी विद्यालय जलभराव समस्या: कीचड़ और पानी से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर मासूम बच्चे
रिपोर्ट: सोनू अठया | दमोह (मध्य प्रदेश)
हटा। संदीपनी विद्यालय जलभराव समस्या एक बार फिर बारिश के मौसम में गंभीर रूप ले चुकी है। नगर के गांधी वार्ड स्थित संदीपनी विद्यालय के सामने पिछले तीन वर्षों से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग तालाब में तब्दील हो गया है, जिससे छोटे-छोटे विद्यार्थियों को रोजाना गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। कई बच्चे रास्ते में फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
संदीपनी विद्यालय जलभराव समस्या लगातार तीसरे वर्ष बनी चुनौती
नगर के गांधी वार्ड स्थित संदीपनी विद्यालय के सामने बारिश शुरू होते ही सड़क पर पानी भर जाता है। विद्यालय तक जाने वाला पूरा मार्ग जलमग्न हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले तीन वर्षों से लगातार बारिश के दौरान यही स्थिति बन रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।
कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम बच्चे
संदीपनी विद्यालय जलभराव समस्या का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है।विद्यालय पहुंचने के लिए बच्चों को रोजाना पानी और कीचड़ से गुजरना पड़ता है। कई विद्यार्थियों के कपड़े स्कूल पहुंचने से पहले ही गंदे हो जाते हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर भी चुके हैं।अभिभावकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका पर लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बस स्टैंड से गांधी वार्ड तक बनी सीसी सड़क के निर्माण के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई।बरसात का पूरा पानी विद्यालय के सामने जमा हो जाता है, जिससे सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगती है।लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान उचित ड्रेनेज बनाया जाता तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
प्रधानाध्यापक मालती जैन ने बताई परेशानी
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक मालती जैन ने बताया कि बारिश के दौरान विद्यालय के सामने जलभराव के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
सीएमओ राकेश मार्कम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
नगर परिषद हटा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी राकेश मार्कम ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें प्राप्त हो गई है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं तथा जल्द आवश्यक कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।
अभिभावकों और नागरिकों की प्रमुख मांग
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- विद्यालय के सामने स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए।
- सड़क की उचित मरम्मत कराई जाए।
- बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
- बारिश के दौरान अस्थायी राहत व्यवस्था भी की जाए।
- भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए।
नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
बारिश के दौरान सामने आई संदीपनी विद्यालय जलभराव समस्या नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।जहां एक ओर सरकार शिक्षा और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विद्यालय पहुंचने का रास्ता ही जलभराव में डूबा हुआ दिखाई देता है।
यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
संदीपनी विद्यालय के सामने तीन वर्षों से बनी जलभराव की समस्या अब केवल एक स्थानीय परेशानी नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है। स्थानीय नागरिक, अभिभावक और विद्यालय प्रबंधन लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि नगर परिषद हटा प्रशासन अपने आश्वासन को कितनी जल्दी धरातल पर उतारता है।


