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सनातन धर्म अमर: सोमनाथ से अमित शाह का ऐसा संदेश जो हर भारतीय को गर्व से भर देगा

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Published On: 13 January 2026
सनातन धर्म अमर अमित शाह सोमनाथ मंदिर भाषण
— “सोमनाथ मंदिर के सामने अमित शाह का संदेश—सनातन धर्म अमर है, इसे कोई मिटा नहीं सकता।”

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सनातन धर्म अमर है—अमित शाह ने गांधीनगर में सोमनाथ मंदिर, आस्था और आत्मसम्मान पर दिए ऐतिहासिक बयान। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

सनातन धर्म अमर: सोमनाथ से अमित शाह का संदेश

भारत की आत्मा, उसकी आस्था और उसकी संस्कृति का नाम है सनातन धर्म। यह न किसी युग तक सीमित है, न किसी सत्ता से बंधा है। इसी भावना को दोहराते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में कहा—
“सनातन धर्म अमर है, इसे मिटाना असंभव है। यह सूरज और चांद की तरह शाश्वत है।”

यह बयान केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि हजारों वर्षों की आस्था, संघर्ष और पुनर्निर्माण की कहानी का सार था।

सनातन धर्म अमर – केवल आस्था नहीं, पहचान

अमित शाह ने कहा कि सनातन धर्म कोई एक समय की परंपरा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही जीवन पद्धति है।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“जो सोचते हैं कि भारत की संस्कृति और आस्था को मिटा देंगे, वे खुद इतिहास से मिट जाते हैं।”

सनातन धर्म अमर इसलिए है क्योंकि यह केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है—सहिष्णुता, करुणा और सत्य का मार्ग।

सोमनाथ मंदिर – आस्था की अमर कहानी

सोमनाथ मंदिर भारत के उन प्रतीकों में है जो यह बताते हैं कि विनाश से भी विश्वास जन्म लेता है।
इतिहास गवाह है कि सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमले हुए—

  • महमूद गजनी
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • अहमद शाह
  • महमूद बेगड़ा
  • औरंगजेब

हर बार मंदिर टूटा, लेकिन हर बार उससे भी भव्य बनकर खड़ा हुआ।

सोमनाथ मंदिर धर्मध्वजा और आस्था का प्रतीक
सोमनाथ मंदिर धर्मध्वजा और आस्था का प्रतीक

16 बार टूटा, फिर भी नहीं झुका

अमित शाह ने बताया कि सोमनाथ मंदिर को 16 बार तोड़ा गया, लेकिन 1000 साल बाद भी वह उसी स्थान पर गर्व से खड़ा है।
उसके शिखर पर लहराती धर्मध्वजा इस बात का प्रमाण है कि—
सनातन धर्म अमर है, अजेय है, अविनाशी है।

गांधीनगर में विकास और विश्वास साथ-साथ

गुजरात दौरे के दौरान अमित शाह ने गांधीनगर में करीब 267 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि विकास और संस्कृति विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।
जहां सड़कें, स्कूल और अस्पताल बनते हैं, वहीं मंदिर, संस्कृति और परंपरा भी जीवित रहती है।

पीएम मोदी और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुरुआत की।
यह पर्व उस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में है जब सोमनाथ मंदिर पर हमला हुआ और फिर उसका पुनर्निर्माण हुआ।

इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि—

  • सोमनाथ कॉरिडोर का भव्य निर्माण होगा
  • पूरे वर्ष देशभर में कार्यक्रम होंगे
  • युवाओं को इतिहास और आत्मसम्मान से जोड़ा जाएगा

हमला मंदिर पर नहीं, आत्मा पर था

अमित शाह ने बहुत गहरी बात कही—
“सोमनाथ पर हमला सिर्फ पत्थरों पर नहीं, हमारी आस्था और आत्मसम्मान पर था।”

उन्होंने कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, निर्माण और संस्कृति से दिया जाना चाहिए।
जो तोड़ते हैं, वे मिट जाते हैं।
जो बनाते हैं, वे अमर हो जाते हैं।

आज के भारत के लिए क्या संदेश?

सनातन धर्म अमर होने का मतलब केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक शक्ति भी है।
आज का भारत—

  • अपनी जड़ों को पहचान रहा है

  • इतिहास से सीख रहा है

  • और भविष्य का निर्माण कर रहा है

अमित शाह का यह बयान युवाओं को यह याद दिलाता है कि—
अपनी पहचान से जुड़ना कमजोरी नहीं, सबसे बड़ी ताकत है।

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