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सलमान खान में मना करने की हिम्मत नहीं… एक्टर के RSS के कार्यक्रम में जाने पर बोले अबू आजमी

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Published On: 11 February 2026
Opposition Slams Bollywood Star for Joining RSS Event on Its 100th Anniversary
— Opposition Slams Bollywood Star for Joining RSS Event on Its 100th Anniversary

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सलमान खान RSS कार्यक्रम में शामिल, विवाद और प्रतिक्रियाएँ

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम में शामिल होने से एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। संघ के 100 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक दलों, सोशल मीडिया और आम जनता के बीच विरोध और समर्थन दोनों प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की, जबकि कुछ बीजेपी नेताओं ने सलमान की इस भागीदारी का समर्थन किया।

RSS कार्यक्रम और सलमान खान की भागीदारी

RSS ने अपने 100 वर्ष पूरे होने के जश्न के लिए दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका नाम रखा गया “संघ यात्रा: नए क्षितिज”। यह कार्यक्रम मुंबई के एक बड़े ऑडिटोरियम में 7 फरवरी 2026 को शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में सलमान खान सहित कई बॉलीवुड और मीडिया हस्तियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य संघ के इतिहास, उसकी गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं को जनता और मीडिया के सामने प्रस्तुत करना था। सलमान खान जैसे बड़े अभिनेता की मौजूदगी ने कार्यक्रम को मीडिया में अत्यधिक कवरेज दिलाया। हालांकि, उनकी भागीदारी ने विवाद भी खड़ा कर दिया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

सलमान खान के इस कार्यक्रम में शामिल होने पर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने टिप्पणी की:

“सलमान खान एक अभिनेता हैं और उन्हें देश में इज्जत से रहना है। अगर सत्ता पक्ष के लोग कुछ कहते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि सलमान में उसे मना करने की हिम्मत है। वह ज़रूर सरकार के दबाव में वहां गए होंगे।”

वहीं, बीजेपी नेता नितीश राणे ने कहा कि सलमान खान उद्धव ठाकरे से बड़े हिंदू हैं, जो इस मामले में विरोधाभासी दृष्टिकोण दिखाता है।

कांग्रेस और विपक्ष की आलोचना

कांग्रेस ने बॉलीवुड अभिनेता की इस भागीदारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस की सोशल मीडिया अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने कहा:

“मैं आमतौर पर सेलिब्रिटीज़ को निशाना बनाने से परहेज करती हूं, लेकिन जब वे RSS जैसी संस्था की तारीफ करने लगते हैं, जो नफरत फैलाती है और लोगों को बांटती है, तो उनकी चुप्पी पर सवाल उठता है।”

सुप्रिया ने आगे सवाल उठाए:

  • जब लोगों की लिंचिंग केवल उनकी शक्ल या खाने की वजह से होती है, तो सलमान क्यों चुप रहते हैं?
  • जब महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और हिंसा होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है, तो अभिनेता क्यों चुप रहते हैं?
  • जब उच्च पदों पर बैठे लोग हिंसा और नफरत को बढ़ावा देते हैं, तो क्यों कोई शब्द नहीं बोलता?
सोशल मीडिया और आम जनता की प्रतिक्रिया

सलमान खान की इस भागीदारी को लेकर सोशल मीडिया पर भी विरोध और समर्थन दोनों प्रतिक्रियाएँ आईं।

  • कई यूजर्स ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम में शामिल होकर सलमान हमारा हीरो नहीं रह सकते।
  • कुछ लोग मानते हैं कि अभिनेता सरकार या सत्ता के दबाव में इस कार्यक्रम में शामिल हुए होंगे।
  • वहीं समर्थक समूहों ने कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रम था, जिसमें किसी राजनीतिक एजेंडा का हिस्सा बनने की आवश्यकता नहीं थी।
बॉलीवुड और राजनीति का जटिल रिश्ता

यह विवाद बॉलीवुड और राजनीति के बीच जटिल रिश्तों को उजागर करता है। भारत में कई सेलिब्रिटीज़ सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों में शामिल होते हैं। हालांकि, जब संगठन या कार्यक्रम विवादास्पद होते हैं, तो इस तरह की भागीदारी हमेशा आलोचना का विषय बन जाती है।

बॉलीवुड हस्तियों की इस तरह की भागीदारी समाज में कई सवाल उठाती है:

  1. क्या सेलिब्रिटी को किसी संगठन के समर्थन या विरोध में स्पष्ट होना चाहिए?
  2. क्या उन्हें जनता की अपेक्षाओं और नैतिक जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए?
  3. क्या इस तरह की भागीदारी उनके करियर या सार्वजनिक छवि पर असर डालती है?

सलमान खान का यह कदम इन सवालों को और गहरा करता है, क्योंकि वह न केवल बॉलीवुड के बड़े स्टार हैं बल्कि जनता में उनकी व्यापक पहचान और प्रभाव भी है।

संघ का दृष्टिकोण

RSS ने इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल संघ के इतिहास और गतिविधियों को उजागर करना बताया। संगठन ने इसे संघ यात्रा: नए क्षितिज के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, वक्तृत्व और इतिहास पर प्रकाश डाला गया। सलमान खान और अन्य बॉलीवुड हस्तियों की मौजूदगी ने इस इवेंट को मीडिया और जनता के लिए आकर्षक बनाया।

संघ की ओर से कहा गया कि इस कार्यक्रम में भाग लेना राजनीतिक समर्थन नहीं बल्कि संस्कृति और इतिहास के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

विवाद के सामाजिक प्रभाव

सलमान खान की भागीदारी ने यह दिखाया कि भारत में सामाजिक और राजनीतिक भावनाएँ कितनी संवेदनशील हैं। किसी भी सेलिब्रिटी की गतिविधि, चाहे वह मनोरंजन उद्योग से जुड़ी हो, तुरंत राजनीतिक और सामाजिक विमर्श में बदल जाती है।

इस घटना से यह भी साफ हुआ कि:

  • सेलिब्रिटी और सत्ता के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है।
  • आम जनता और सोशल मीडिया का दृष्टिकोण किसी भी कार्यक्रम में भागीदारी को प्रभावित कर सकता है।
  • बॉलीवुड हस्तियों के लिए यह आवश्यक है कि वे किसी विवादित संगठन के साथ जुड़ाव के परिणामों को समझें।

निष्कर्ष

सलमान खान का RSS कार्यक्रम में शामिल होना एक सामाजिक और राजनीतिक बहस का कारण बना। इसने यह दिखाया कि बॉलीवुड और राजनीति का संबंध कितना जटिल और संवेदनशील है। जबकि कुछ इसे सांस्कृतिक कार्यक्रम मानते हैं, विपक्ष और आलोचक इसे राजनीतिक समर्थन के रूप में देखते हैं।

इस विवाद ने यह सवाल उठाया कि सेलिब्रिटी और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए। सलमान खान जैसे बड़े अभिनेता की छवि और उनकी लोकप्रियता के चलते यह मुद्दा लंबे समय तक मीडिया और जनता के बीच चर्चा का विषय बना रहेगा।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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