सक्ती जनपद पंचायत में ACB की बड़ी कार्रवाई: CEO समेत 3 कर्मचारी 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
12 लाख रुपये के चेक पास कराने के बदले मांगी गई 2 लाख की रिश्वत
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत सक्ती में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सहित तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 12 लाख रुपये का चेक जारी करने के बदले 2 लाख रुपये की अवैध मांग की गई थी। यह राशि “कमीशन” के रूप में मांगी जा रही थी और इसे दो किश्तों में वसूला जा रहा था।
पहले भी ली जा चुकी थी एक लाख रुपये की रिश्वत
जानकारी के अनुसार, पूरे मामले में शुरुआत से ही रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था। शिकायतकर्ता से पहले ही 1 लाख रुपये की पहली किश्त ले ली गई थी। इसके बाद बचे हुए 1 लाख रुपये की मांग लगातार की जा रही थी। आरोप है कि अधिकारियों ने चेक पास कराने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर दबाव बनाकर रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल
पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से की। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद ACB ने ट्रैप (जाल) बिछाने की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत जैसे ही दूसरी किश्त के रूप में 1 लाख रुपये की राशि ली जा रही थी, टीम ने मौके पर पहुंचकर रंगे हाथ आरोपियों को पकड़ लिया।
CEO, बाबू और भृत्य गिरफ्तार
ACB की कार्रवाई में जनपद पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) निखिल कश्यप, बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानू को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह सामने आया कि इन तीनों की भूमिका सीधे तौर पर रिश्वत की मांग और लेन-देन में शामिल थी।
दलाल की भूमिका भी आई सामने
जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क में एक अन्य व्यक्ति दलाल के रूप में काम कर रहा था। वह रिश्वत की रकम को आगे पहुंचाने और सौदेबाजी कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। ACB ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ACB अब यह जांच कर रही है कि इस तरह के और कितने मामलों में इन अधिकारियों की संलिप्तता रही है और क्या यह किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा है।
आगे की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ACB टीम यह भी जांच कर रही है कि 12 लाख रुपये के चेक और अन्य वित्तीय लेन-देन में किन-किन स्तरों पर अनियमितता हुई है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल मच गई है।
निष्कर्ष
सक्ती जनपद पंचायत में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर सरकारी सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े करती है। ACB की इस कार्रवाई से साफ है कि रिश्वतखोरी के मामलों में अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
