नशे के खिलाफ युवाओं को किया जागरूक, एसपी अनुराग सुजानिया ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ
संवाददाता : महेंद्र राज
Sagar। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत सोमवार को थाना मोतीनगर क्षेत्र स्थित एडिना फार्मेसी कॉलेज में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी मोतीनगर, महाविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकीय स्टाफ तथा लगभग 650 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहेंगे तो समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और युवा इस अभियान के सबसे प्रभावी ब्रांड एम्बेसडर बन सकते हैं।
नशे के दुष्परिणामों की दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करने के साथ-साथ मानसिक संतुलन, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास को भी कमजोर कर देती है। इसके कारण शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वक्ताओं ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे सामाजिक जिम्मेदारियों से दूर होता जाता है और उसका भविष्य भी संकट में पड़ सकता है।
विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि नशे के कारण अपराध, घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी अनेक समस्याओं में वृद्धि होती है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी और सजा जैसी गंभीर परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक संगति में रहने और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा हो तो उसे सही मार्गदर्शन और सहायता दिलाने का प्रयास करें, ताकि समाज को नशामुक्त बनाने के अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को “न स्वयं नशा करेंगे, न किसी को नशा करने देंगे” की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया, ताकि वे अपने साथ-साथ समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकें।
शपथ ग्रहण के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। छात्रों ने विश्वास दिलाया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने मित्रों, परिवारजनों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने यह भी संकल्प लिया कि वे सोशल मीडिया, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित करना रहा।
महाविद्यालय प्रबंधन ने की अभियान की सराहना
इस अवसर पर एडिना के डायरेक्टर डॉ. सुनील के. जैन, डॉ. विवेक जैन (प्राचार्य, AIPS) तथा विनीत सोनी (स्टेट जॉइंट डायरेक्टर, नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो, सागर) सहित महाविद्यालय का पूरा शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा। महाविद्यालय प्रबंधन ने जिला पुलिस द्वारा संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के हित में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों से नशे के विरुद्ध सतत जागरूकता फैलाने और स्वस्थ, सुरक्षित तथा जिम्मेदार समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील के साथ हुआ। यह अभियान युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास माना जा रहा है।
