साध्वी श्री सौम्यकला श्रीजी का भायंदर चातुर्मास 19 जुलाई से भव्य प्रवेश के साथ प्रारंभ होगा। श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में उपाध्याय प्रवर श्री अनंतचंद्र विजयजी एवं मुनि अरिहंतचंद्र विजयजी की निश्रा रहेगी। पढ़ें सभी लाभार्थी परिवारों और कार्यक्रम की पूरी जानकारी।
साध्वी श्री सौम्यकला श्रीजी का भायंदर चातुर्मास
भायंदर में इस वर्ष साध्वी श्री सौम्यकला श्रीजी का भायंदर चातुर्मास अत्यंत भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है। जैन समाज में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में 19 जुलाई को भव्य प्रवेश समारोह आयोजित किया जाएगा।
परम पूज्य वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य देव श्री धर्मधुरंधर सूरीश्वर जी महाराज साहब के आज्ञानुवर्ती, बरखेडा तीर्थ उद्धारिका महत्तरा शासन दीपिका साध्वी श्री सुमंगला श्रीजी महाराज साहब की शिष्या, परम विदुषी साध्वी प्रफुल्लप्रभा श्रीजी महाराज साहब की शिष्या, साध्वी श्री पूर्णकला श्रीजी महाराज साहब की शिष्या साध्वी श्री सौम्यकला (नानकी) श्रीजी महाराज साहब का चातुर्मास भायंदर में संपन्न होगा।उनके साथ साध्वी श्री कुमुदकला श्रीजी महाराज साहब, साध्वी श्री काव्यकला श्रीजी महाराज साहब सहित ठाणा-3 भी विराजमान रहेगा।
19 जुलाई को होगा भव्य प्रवेश
रविवार 19 जुलाई को श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर में भव्य चातुर्मास प्रवेश होगा। इस अवसर पर उपाध्याय प्रवर श्री अनंतचंद्र विजयजी तथा मुनि अरिहंतचंद्र विजयजी की पावन निश्रा प्राप्त होगी।संघ द्वारा चातुर्मास को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। पूरे भायंदर क्षेत्र में धार्मिक उल्लास एवं श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
मुख्य लाभार्थी परिवार
चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी अशोक चुन्नीलालजी मेहता, एंदला गुड़ा हैं।प्रवेश दिवस की नवकारसी का लाभ मातुश्री लिलाबाई भवरलालजी मेहता (स्व. कविताबेन ज्ञानचंदजी मेहता) द्वारा लिया गया है।चार माह के चातुर्मास में रंगमंडप एवं संपूर्ण डेकोरेशन का लाभ किरणकुमारजी दलीचंदजी बोराणा (गुड़ा), पृथ्वीराजजी, जय जिनेंद्र एवं मिच्छामि दुक्कडम, शेखरकुमार केवलचंदजी बाफना (सादड़ी) द्वारा लिया गया है।
विशेष आयोजन एवं लाभार्थी
श्री महावीर स्वामी जन्म वाचन दिवस पर स्वामी वात्सल्य का लाभ मदनबेन किरीटकुमारजी धोका (सादड़ी) द्वारा लिया जाएगा।उसी दिन लाडू प्रभावना का लाभ स्नात्र मंडल बहनों द्वारा लिया जाएगा।संवत्सरी प्रतिक्रमण में श्रीफल का लाभ स्व. लिलाबाई मूलचंदजी मेहता (भूति) द्वारा रहेगा।पर्युषण पंचम तपस्वी पारणा का लाभ प्रवीणकुमार रणजीतमलजी मेहता (खिमेल) द्वारा लिया जाएगा।पंचम पारणा दिवस पर परमात्मा रथयात्रा के पश्चात स्वामी वात्सल्य का लाभ सुशीलाबाई पारसमलजी सोनीगरा (डायलाना) द्वारा रहेगा।
रविवारीय शिविर लाभार्थी
रविवारीय शिविर के लाभार्थियों में—
- रणजीतमल छगनलालजी राठौड़ (पोमावा)
- निर्मला मिठ्ठूसिंह मेहता (सोजत)
- उत्तमचंदजी रतनचंदजी परमार (नाडोल)
- मंजूबेन भरतकुमारजी खांटेर (खिंवाड़ा)
- स्व. शांताबाई चम्पालालजी पारेख (सादड़ी – महादीप नावेल्टी)
का समावेश है।
चातुर्मास स्वर्ण स्तम्भ
चातुर्मास के स्वर्ण स्तम्भ लाभार्थियों में—
- संजयकुमार बाबूलालजी राठौड़ (रानीगांव)
- मंजूबेन विमलचंदजी करबावाला (सादड़ी)
- कमलाबेन बाबूलालजी बाफना (सादड़ी)
- ह. अनिलभाई बाफना
- हनुमानमलजी महावीरजी दुग्गड (अमर पद्मम परिवार, नागौर)
- सविताबेन घेवरचंदजी रातड़िया मेहता (मुंडारा)
शामिल हैं।
चातुर्मास रजत स्तम्भ
रजत स्तम्भ लाभार्थियों में—
- स्व. सरोजबेन मोहनलालजी बोराणा (बिजोवा)
- सोहनबाई मोहनराजजी बंबोरी परिवार (सादड़ी) – रमेश, ललित, राहुल, प्रशांत
- धापूबाई पुखराजजी परमार परिवार (नाडोल)
- ह. ललितजी परमार
- देवराजजी पुखराजजी कोठारी (वागोल, नवकार यूनिफॉर्म)
- इंदुबेन कांतिलालजी बच्छावत (रानीगांव, जगदम्बा ज्वेलर्स)
- कंचनबेन नथमलजी कोठारी (कोसेलाव) हस्ते भरत कोठारी
का समावेश है।
चातुर्मास सहयोगी
चातुर्मास सहयोगियों में—
- कंचनबेन उम्मेदमलजी मुठलिया (धणी)
- ह. राजू भाई (स्वागत ज्वेलर्स)
- लीलाबाई भीमराजजी गुंगलिया (मुंडारा)
- ललितकुमार पुखराजजी राजावत राठौड़ (नाडोल)
- मदनबेन रूपचंदजी हजारीमल श्रीश्रीमाल (नारलाई)
- जयवंताबेन रमेशकुमारजी पुनमिया (खिंवाड़ा)
- बदामीबाई स्व. भागचंदजी खांटेर (खिंवाड़ा)
- ह. अरविंदभाई खांटेर
- घेवरचंदजी चुन्नीलालजी मेहता (एंदला गुड़ा)
- ह. सूर्या मसाला
का समावेश है।
भायंदर में आयोजित होने वाला साध्वी श्री सौम्यकला श्रीजी का भायंदर चातुर्मास धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघ ने समाज के सभी श्रद्धालुओं से 19 जुलाई के भव्य प्रवेश समारोह एवं आगामी चातुर्मास के सभी धार्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

