NEET पेपर लीक और सोनम वांगचुक के समर्थन में दिल्ली में गरजे जयस प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल, महू आगमन पर हुआ भव्य स्वागत
महेश्वर | स्वराज वाणी संवाददाता, जिला ब्यूरो – गौतम साल्वे (मंडलेश्वर)
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लेकर लौटे जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों का महू पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयस के नारों के बीच नेताओं का अभिनंदन किया गया। यह स्वागत केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि युवाओं के अधिकार, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों पर जयस की सक्रिय भूमिका का संदेश भी माना गया।
दिल्ली में आयोजित आंदोलन के दौरान जयस नेताओं ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी प्रदर्शन किया। संगठन का कहना है कि देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जनआंदोलन आवश्यक है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुलंद हुई युवाओं की आवाज
देशभर में NEET परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों ने प्रदर्शन किया। इसी आंदोलन में जयस के प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
जयस नेताओं ने कहा कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं रहेगी तो लाखों मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। युवाओं का विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
प्रदर्शन के दौरान जयस ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर का आधार है। इसलिए परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
सोनम वांगचुक के समर्थन में भी दर्ज कराई उपस्थिति
दिल्ली आंदोलन में जयस नेताओं ने लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगठन के अनुसार पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदायों के अधिकार और संवैधानिक मांगों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का समर्थन किया जाना चाहिए।
जयस पदाधिकारियों ने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में यदि जनता अपने अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रही है, तो ऐसे प्रयासों के प्रति समाज को संवेदनशील रहना चाहिए।
महू पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
दिल्ली से लौटने के बाद महू पहुंचने पर जयस प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल और अन्य पदाधिकारियों का कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
इस अवसर पर ढोल-नगाड़ों की थाप, जयस के नारों और फूल-मालाओं के साथ नेताओं का अभिनंदन किया गया। स्वागत समारोह में संगठन के स्थानीय और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के झंडों के साथ कार्यकर्ताओं ने रैली जैसी स्थिति में अपने नेताओं का स्वागत किया और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
इन नेताओं का हुआ स्वागत

महू आगमन पर जिन प्रमुख पदाधिकारियों का स्वागत किया गया, उनमें—
- जयस प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल
- महेश्वर अध्यक्ष जितेंद्र बारिया
- महू अध्यक्ष शेर सिंह परमार
- सामाजिक कार्यकर्ता महेश भाभर
शामिल रहे।
इन नेताओं के स्वागत के लिए समंदर परमार, अजय सिंगारे, शिवा वसुनिया सहित बड़ी संख्या में जयस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
युवाओं के भविष्य से समझौता स्वीकार नहीं
स्वागत समारोह के दौरान जयस प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल ने कहा कि संगठन हमेशा युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं होगी तो लाखों विद्यार्थियों का विश्वास व्यवस्था से उठ जाएगा। मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार की धांधली के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

जयस नेताओं ने कहा कि संगठन केवल आदिवासी समाज के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर भी लगातार आवाज उठाता रहा है।
नेताओं ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को समान अवसर नहीं मिलेंगे तो सामाजिक और आर्थिक असमानता बढ़ती जाएगी।
लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सबसे प्रभावी माध्यम शांतिपूर्ण आंदोलन और जनजागरण है।
जयस का मानना है कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक दायरे में रहकर संघर्ष करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। संगठन भविष्य में भी जनहित से जुड़े विषयों पर इसी प्रकार सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
महू में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। युवा कार्यकर्ताओं ने संगठन के समर्थन में नारे लगाए और नेताओं के साथ संवाद भी किया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि जयस लगातार युवाओं, विद्यार्थियों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। यही कारण है कि संगठन के प्रति युवाओं का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
सामाजिक एकजुटता पर दिया जोर
सभा के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक एकता और जनभागीदारी को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता है, तभी व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव हो पाता है। युवाओं को सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
जयस ने भविष्य की रणनीति पर भी किया मंथन
कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन ने गांव-गांव तक पहुंचकर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक अधिकार और युवाओं के हितों से जुड़े विषयों पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
नेताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक बनाना और लोकतांत्रिक माध्यमों से सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
युवाओं ने लिया संघर्ष जारी रखने का संकल्प
स्वागत समारोह के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, युवाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
जयस नेताओं ने कहा कि संगठन भविष्य में भी युवाओं की आवाज को स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय मंच तक मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
महू में आयोजित यह स्वागत समारोह केवल नेताओं के अभिनंदन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं के अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों पर संगठन की प्रतिबद्धता का सार्वजनिक प्रदर्शन भी बना। कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर संगठित प्रयासों से ही व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
