मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे ग्रामीण, ग्राम पंचायत के विकास के दावे कागजों तक सीमित होने के आरोप
भिंड/लहार। भिंड जिले की लहार जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत काथा और ग्राम पंचायत जगनपुरा में ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायतों में विकास कार्यों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं की शिकायत की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि योजना की राशि ऐसे लोगों को दी गई, जिन्हें वे सरपंच-सचिव के करीबी बता रहे हैं, जबकि वास्तविक जरूरतमंद ग्रामीण आज भी आवास के लिए परेशान हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, जिन परिवारों के पास रहने के लिए पर्याप्त आवास की सुविधा नहीं है, उन्हें सरकारी योजना का लाभ मिलने की उम्मीद थी। लेकिन पात्रता के बावजूद कई लोगों के नाम आवास योजना में शामिल नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता की मांग की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर शिकायत
एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं जोड़ा गया है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शिकायत क्रमांक 40123867 है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को लाभ पहुंचाना है। ऐसे में यदि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो इसकी जांच की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पंचायत स्तर पर आवास योजना के हितग्राहियों की सूची, स्वीकृत राशि और निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग की है।

स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल
ग्रामीणों ने गांव में स्वच्छता अभियान के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि स्वच्छता को लेकर सरकारी स्तर पर लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद जमीनी स्थिति संतोषजनक नहीं है। गांवों में साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि आम लोग यह देख सकें कि किस योजना के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई और उसका उपयोग किस कार्य में किया गया।
फोटो और वीडियो से उठे सवाल
ग्राम पंचायत काथा और ग्राम पंचायत जगनपुरा से सामने आए फोटो और वीडियो के आधार पर ग्रामीणों ने पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन तस्वीरों और वीडियो से गांव की जमीनी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का भौतिक सत्यापन करें। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की पात्रता, निर्माण की स्थिति और जारी की गई राशि की भी जांच की जाए।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप गंभीर हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब ग्रामीणों की शिकायत के बाद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए और सरकारी राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना पंचायत और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
दैनिक स्वराज वाणी | पत्रकार अभिषेक शर्मा
