आरएसडब्ल्यूएम और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के बीच 60 मेगावाट ग्रीन ऊर्जा साझेदारी – टेक्सटाइल उद्योग में स्थायी भविष्य की दिशा
नई दिल्ली/अहमदाबाद, 5 नवम्बर 2025 – देश की अग्रणी टेक्सटाइल निर्माता और LNJ Bhilwara Group की प्रमुख कंपनी RSWM Limited ने Adani Energy Solutions Ltd. (AESL) के साथ 60 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा (री뉴एबल) आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत ग्रुप कैप्टिव स्कीम के माध्यम से ग्रीन पावर वैल्यू चेन को एईएसएल द्वारा प्रबंधित किया जाएगा, जो आरएसडब्ल्यूएम के राजस्थान में स्थित विनिर्माण संयंत्रों को सालाना 31.53 करोड़ यूनिट ग्रीन पावर सप्लाई करेगा।
इस साझेदारी के बाद आरएसडब्ल्यूएम की कुल ऊर्जा जरूरतों में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी वर्तमान 33 % से लगभग 70 % तक पहुंच जाएगी — यानी कंपनी अब अपनी दो-तिहाई बिजली हरित स्रोतों (ग्रीन सोर्सेज) से प्राप्त करेगी।
क्यों है यह समझौता महत्वपूर्ण?
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ऊर्जा संक्रमण और ग्रीन पावर
टेक्सटाइल उद्योग में ऊर्जा खपत काफी होती है, और अब यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि उद्योग नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आरएसडब्ल्यूएम-एईएसएल की यह साझेदारी इस ट्रेंड को मजबूती देती है। -
ग्रुप कैप्टिव स्कीम के माध्यम से निवेश
आरएसडब्ल्यूएम ने इस परियोजना के लिए ₹60 करोड़ का निवेश किया है, ग्रुप कैप्टिव स्कीम के तहत। यह निवेश ग्रीन पावर जनरेटर के साथ मिलकर 31.53 करोड़ यूनिट ग्रीन पावर वार्षिक रूप से सुनिश्चित करेगा। -
उद्योग में बेंचमार्क सेट करना
आरएसडब्ल्यूएम के अध्यक्ष एवं मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ Riju Jhunjhunwala ने कहा है कि यह उपलब्धि उनके दीर्घ-कालीन दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें विकास को सततता (“सस्टेनेबिलिटी”) के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में औसतन 31% ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से आती है — वहीं आरएसडब्ल्यूएम अपने ऊर्जा आवश्यकताओं का लगभग 70% ग्रीन सोर्स से पूरा करेगा। -
एईएसएल की भूमिका और क्षमता
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का काम सिर्फ बिजली आपूर्ति करना नहीं है, बल्कि पूरी ग्रीन पावर वैल्यू चेन का प्रबंधन करना है। कंपनी का कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C & I) सेक्टर बड़े बिजली उपभोक्ताओं को अनुकूलित ऊर्जा समाधान देता है। एईएसएल आगामी पाँच वर्षों में 7,000 मेगावाट का C&I पोर्टफोलियो बनाने का लक्ष्य रख रही है।
टेक्सटाइल उद्योग में सततता की दिशा
आरएसडब्ल्यूएम ने यह कदम टेक्सटाइल सेक्टर में सतत विकास को नए आयाम देने के संकेत के रूप में उठाया है। कंपनी की स्थिरता रणनीति अब सिर्फ “कम कार्बन फुटप्रिंट” तक सीमित नहीं है, बल्कि:
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हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के हिस्से में भारी बढ़ोतरी
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पुनरचक्रित (सर्कुलर) मटेरिएल फ़्लो (Circular Material Flow) को अपनाना
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जिम्मेदार जल उपयोग (Responsible Water Usage)
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ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) में सुधार करना
इस तरह, आरएसडब्ल्यूएम न सिर्फ आज के लिए बल्कि “भविष्य-तैयार” टेक्सटाइल लीडर बनने की दिशा में अग्रसर है।
समझौते के मुख्य बिंदु
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आपूर्ति क्षमता | 60 मेगावाट रिन्यूएबल ऊर्जा समझौता |
| निवेश राशि | ~₹60 करोड़ (ग्रुप कैप्टिव स्कीम के तहत) |
| वार्षिक ग्रीन यूनिट्स | 31.53 करोड़ यूनिट प्रति वर्ष |
| वर्तमान नवीकरणीय हिस्सेदारी | ~33% |
| लक्ष्य नवीकरणीय हिस्सेदारी | ~70% |
| मुख्य साझेदार | RSWM Ltd (टेक्सटाइल निर्माता) & Adani Energy Solutions Ltd |
| उद्देश्य | ग्रीन पावर वैल्यू चेन का प्रबंधन, ऊर्जा संक्रमण को गति देना |
क्या यह उद्देश्य “70 % ग्रीन ऊर्जा” वांछित है?
हां — यह एक बहुत ही महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। भारत में अभी औसतन नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सेदारी करीब 31% है। आरएसडब्ल्यूएम का लगभग 70% ऊर्जा ग्रीन सोर्स से आने का लक्ष्य इस लिहाज से दोहरे महत्व का है — यह उद्योग-स्तर पर स्थिरता को बढ़ावा देता है, और कंपनी को प्रतिस्पर्धात्मक व भविष्य-सक्षम बनाता है।
उद्योग, परिचालन व पर्यावरणीय लाभ
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परिचालन लाभ: ग्रीन ऊर्जा की आपूर्ति-सुनिश्चित क्षमता से ऊर्जा खर्च और निर्भरता कम हो सकती है।
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कार्बन फुटप्रिंट में कमी: हरित ऊर्जा हिस्सेदारी बढ़ने से कंपनी के उत्सर्जन (emissions) में कमी आएगी — जो आज बिज़नेस और निवेशक दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
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ब्रांड छवि: टेक्सटाइल उद्योग में पर्यावरण-संबंधी जागरूकता बढ़ रही है। ऐसे पहल से आरएसडब्ल्यूएम का ब्रांड “अगली पीढ़ी का टिकाऊ (सस्टेनेबल) निर्माता” के रूप में उभरता है।
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विनियामक एवं बाज़ार लाभ: सरकार की नीतियाँ, उपभोक्ता प्राथमिकताएँ और वैश्विक आपूर्ति-शृंखला (supply-chain) ट्रेंड ग्रीन ऊर्जा तथा सततता की ओर बढ़ रहे हैं — इस पहल से आरएसडब्ल्यूएम को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है।
भविष्य की चुनौतियाँ व अवसर
चुनौतियाँ
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ग्रीन पावर सप्लाई को नियमित व भरोसेमंद बनाना (विशेषकर विनिर्माण संयंत्रों के लिए)
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निवेश व पूँजी व्यय का प्रबंधन — ₹60 करोड़ निवेश करना सरल नहीं
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तकनीकी व परिचालन इंटीग्रेशन — ग्रीन ऊर्जा स्रोतों के साथ परिचालन में समायोजन
अवसर
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अन्य उद्योगों को भी प्रेरणा मिल सकती है — टेक्सटाइल या अन्य सैक्टर में ग्रीन पावर भागीदारी बढ़ सकती है
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ग्रीन ऊर्जा बाजार में पार्टनरशिप व तकनीकी नवाचार बढ़ सकते हैं
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दीर्घ-अवधि में ऊर्जा लागत घट सकती है, उद्योग को स्थिरता की दिशा में आगे ले जा सकती है
निष्कर्ष
इस साझेदारी के माध्यम से आरएसडब्ल्यूएम ने न सिर्फ अपनी ऊर्जा रणनीति को ग्रीन दिशा में मोड़ा है, बल्कि उद्योग में एक मिसाल खड़ी की है जहाँ टेक्सटाइल निर्माता “दो-तिहाई ऊर्जा हरित स्रोत से” लेने की दिशा में अग्रसर है। इसके रणनीतिक, परिचालन और पर्यावरणीय लाभ स्पष्ट हैं। साथ ही, एईएसएल के साथ इस प्रकार की गठजोड़ यह संकेत देती है कि ग्रीन पावर अब सिर्फ “वैकल्पिक” विकल्प नहीं बल्कि औद्योगिक रणनीति का मुख्य अंग बन रही है।
