राष्ट्र निर्माण का संकल्प: आरएसएस के 100 वर्ष पर रूपेटा में ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में विविध कार्यक्रमों और सम्मेलनों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इन आयोजनों का उद्देश्य भारतीय समाज की सांस्कृतिक जड़ों, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका को सुदृढ़ करना है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की नागदा तहसील के ग्राम रूपेटा में एक भव्य ‘सकल हिंदू समाज सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन 25 जनवरी, रविवार को सुबह 10 बजे से आयोजित होगा, जिसमें क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज परमार (इंदौर) होंगे, जो सम्मेलन को संबोधित करेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन न केवल आरएसएस की शताब्दी को समर्पित है, बल्कि समाज में एकता, समरसता और सांस्कृतिक चेतना को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।
सकल हिंदू समाज को एक मंच पर लाने का प्रयास
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ग्राम रूपेटा के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री भगीरथ पाटीदार और प्रदेश महामंत्री श्री ओमप्रकाश परमार ‘नागराज’ ने बताया कि यह सम्मेलन सर्व हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा अत्यंत आवश्यक है, और ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाना, सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करना और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका पर होगा विमर्श
सम्मेलन में RSS के 100 वर्षों की यात्रा और राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मुख्य वक्ता श्री मनोज परमार अपने संबोधन में सामाजिक संगठन, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालेंगे। आयोजकों का कहना है कि आरएसएस की स्थापना से लेकर आज तक की यात्रा भारतीय समाज के संगठनात्मक विकास, सेवा कार्यों और राष्ट्रवादी सोच को दर्शाती है। सम्मेलन के माध्यम से इसी विचारधारा और उसके योगदान को समाज के समक्ष रखा जाएगा।
एकता और समरसता का संदेश
RSS कार्यक्रम के आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह सम्मेलन किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य संपूर्ण हिंदू समाज को जोड़ना है। सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश इस आयोजन का मूल आधार है। प्रदेश महामंत्री ओमप्रकाश परमार ‘नागराज’ ने कहा कि समाज की मजबूती तभी संभव है जब सभी वर्ग एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि RSS सम्मेलन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र के प्रति दायित्व जैसे विषयों को प्रमुखता से रखा जाएगा।
सनातनी समाज से विशेष अपील
RSS आयोजकों ने क्षेत्र के समस्त सनातनी हिंदू भाई-बहनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इसे सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और संगठित समाज की शक्ति को प्रदर्शित करने का अवसर है। प्रदेश महामंत्री श्री ओमप्रकाश परमार नागराज ने भावपूर्ण शब्दों में कहा, यह आयोजन केवल RSS के 100 वर्षों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हिंदू समाज की एकजुटता और जागरूकता का प्रतीक है। आपकी उपस्थिति इस संकल्प को सशक्त बनाएगी और आने वाली पीढ़ियों को एक सकारात्मक संदेश देगी।
क्षेत्र में उत्साह का माहौल
ग्राम रूपेटा और आसपास के क्षेत्रों में RSS सम्मेलन को लेकर उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों द्वारा कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। आयोजन स्थल को सजाया जा रहा है और बड़ी संख्या में लोगों के आने की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह सम्मेलन सामाजिक एकता को नई ऊर्जा देगा और क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक संवाद को बढ़ावा देगा।
