आरपीएल माहेश्वरी कॉलेज प्राचार्य ने वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को किया खारिज, कहा डॉ. वीणा सोनी के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार
इंदौर: आरपीएल माहेश्वरी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार झालानी ने श्री माहेश्वरी विद्यालय ट्रस्ट द्वारा महाविद्यालय पर लगाए गए वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। प्राचार्य डॉ. झालानी का कहना है कि ये आरोप डॉ. वीणा सोनी को बचाने के लिए गलत तरीके से लगाए जा रहे हैं।
डॉ. झालानी ने बताया कि महाविद्यालय के सभी वित्तीय खाते और ऑडिट रिपोर्ट प्रतिवर्ष ट्रस्ट द्वारा नियुक्त प्रतिष्ठित चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्म द्वारा जांची जाती हैं और प्रतिवर्ष ट्रस्ट में जमा की जाती हैं। इसके अलावा, लगभग ढाई वर्ष पूर्व ट्रस्ट के चुनाव के समय महाविद्यालय के समस्त वर्षों के खाते और ऑडिट रिपोर्ट समाजजन/पदाधिकारियों के अवलोकन हेतु रखे गए थे। उस समय किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई।
प्राचार्य ने कहा, “लगभग दो साल तक वही प्रबंधन और ट्रस्टी कार्यरत रहे और कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। अचानक बिना किसी ठोस प्रमाण के आरोप लगाना हमारी और पूर्व प्रबंधन की साख धूमिल करने का प्रयास है।”
डॉ. झालानी ने यह भी बताया कि बार-बार प्रबंधन द्वारा गोपनीय दस्तावेज घर पर भेजने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि विश्वविद्यालय परिनियम 28 के अनुसार सभी गोपनीय दस्तावेज प्राचार्य की देखरेख में महाविद्यालय कार्यालय में सुरक्षित रखने अनिवार्य हैं। इसके बावजूद ट्रस्ट और शिक्षण समिति द्वारा लगाए गए आरोप असत्य और भ्रम पैदा करने वाले हैं।
वित्तीय विवाद के साथ-साथ प्रबंधन द्वारा प्राचार्य और शिक्षकों को उच्च वेतन देने का मुद्दा भी उठाया गया। डॉ. झालानी ने कहा कि जब वे प्राचार्य बने थे, उनकी सैलरी कई महाविद्यालय प्राध्यापकों से कम थी। लगातार 17 वर्षों की मेहनत और स्टाफ की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप महाविद्यालय की उपलब्धियां बढ़ीं, छात्रों की प्रवेश संख्या बढ़ी और विश्वविद्यालय की प्रावीण्य सूची में महाविद्यालय ने लगातार स्थान प्राप्त किया। इसके फलस्वरूप प्रबंधन ने साल दर साल वेतन वृद्धि की है।
