मध्यप्रदेश की अंतरराष्ट्रीय जू-जीत्सु खिलाड़ी रोहिणी कलम की संदिग्ध आत्महत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने मध्यप्रदेश जू-जीत्सु संघ के अध्यक्ष विजेंद्र खरसोदिया और उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
मानसिक दबाव और प्रताड़ना का खुलासा
जानकारी के अनुसार, रोहिणी कलम लंबे समय से मानसिक तनाव और प्रताड़ना का सामना कर रही थीं। पुलिस जांच में यह सामने आया कि उनके कोचों द्वारा लगातार हस्तक्षेप, अत्यधिक ट्रेनिंग का दबाव और निजी जीवन में परेशानियां उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर रही थीं। विशेष रूप से सर्जरी के बाद भी उन्हें प्रतिस्पर्धा और सख्त ट्रेनिंग के लिए मजबूर किया गया।

घटना और अंतिम बातचीत
26 अक्टूबर को रोहिणी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार, उसी दिन उन्होंने अपने कोच प्रीतम सिंह से अंतिम बार फोन पर बात की, जिसमें उन्होंने कहा:
“अब तू मुझे परेशान नहीं कर पाएगा… जा रही हूं।”
इसके बाद प्रीतम सिंह ने विजेंद्र खरसोदिया को फोन कर परिवार को सूचित किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
खेल जगत और मध्यप्रदेश में सनसनी
रोहिणी कलम देवास की शान और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थीं, जिन्होंने देश के लिए कई पुरस्कार और मेडल जीते। उनकी मौत ने खेल जगत और मध्यप्रदेश को झकझोर कर रख दिया। पुलिस जांच ने जू-जीत्सु संघ के अंदर मौजूद दबाव और संभावित अनियमितताओं को उजागर किया है।

परिवार की मांग और अगली कार्रवाई
परिवार का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई की गई होती, तो रोहिणी की जान बच सकती थी। बहन रोशनी ने कहा कि पुलिस की धीमी प्रतिक्रिया और कोचों के लगातार दबाव ने रोहिणी के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया। अब पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
