बढ़ते अपराधों पर उठे सवाल: क्या सिर्फ जागरूकता अभियानों से थमेगा अपराध?
दमोह में कानून-व्यवस्था को लेकर नागरिकों की चिंता बढ़ी, सख्त कार्रवाई की मांग
संवाददाता — सोनू अठया, दमोह (मध्य प्रदेश)
Damoh जिले में पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। हत्या, चोरी, लूट, अज्ञात शव मिलने, गुमशुदगी, जुआ और अन्य अपराधों के मामलों के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
नागरिकों का कहना है कि अपराधों पर नियंत्रण के लिए केवल जागरूकता अभियान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि पुलिस की सक्रियता, नियमित निगरानी और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी जरूरी है।
जागरूकता अभियानों पर जोर, लेकिन कार्रवाई की जरूरत
पुलिस विभाग द्वारा जिले में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रयास करना है।
हाल ही में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता दौड़ आयोजित की गई थी। वहीं अब बैडमिंटन प्रतियोगिता जैसे आयोजनों के माध्यम से भी लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश देने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि आम लोगों का मानना है कि ऐसे सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम जरूरी हैं, लेकिन जिले में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रियता दिखानी होगी।
अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि जब तक अपराधियों में कानून का भय नहीं होगा, तब तक अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल रहेगा।
लोगों ने सुझाव दिया है कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष निगरानी टीम गठित की जाए, जो जिलेभर में जुआ, अवैध शराब, संगठित अपराध और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर लगातार नजर रखे।
अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग
इधर शहर के कुछ ढाबों और होटलों में खुलेआम शराब परोसे जाने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोगों द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ स्थानों पर बिना वैध अनुमति के अहाता जैसी व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं।
यदि ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित विभागों द्वारा निष्पक्ष जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है। नागरिकों का कहना है कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने की सहयोग की अपील
कुछ समय पूर्व पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने जिलेवासियों और मीडिया से अपील की थी कि किसी भी प्रकार की अवैध या अनैतिक गतिविधि की जानकारी पुलिस हेल्पलाइन के माध्यम से दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराध नियंत्रण में आम नागरिकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। यदि लोग समय पर सूचना उपलब्ध कराते हैं तो पुलिस को कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।
जनसहयोग और सख्त कार्रवाई से मजबूत होगी व्यवस्था
नागरिकों का मानना है कि बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस, प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए समय पर सूचना, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई—इन तीनों का समन्वय जरूरी है।
दमोह जिले के लोग चाहते हैं कि पुलिस प्रशासन अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
जागरूकता अभियान समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, लेकिन अपराधों पर वास्तविक नियंत्रण के लिए सक्रिय पुलिसिंग और मजबूत निगरानी व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है।
