मध्य प्रदेश में मरीजों के लिए PMShri Air एंबुलेंस सेवा शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तेज़ी से बड़े अस्पतालों तक पहुँचाना है। यह सेवा प्रदेश में जीवनदायिनी सुविधा के रूप में कार्य कर रही है और मरीजों को समय पर उपचार दिलाने में मदद कर रही है। इसके तहत आपातकालीन और गंभीर रोगियों को छोटे जिलों से बड़े अस्पतालों तक एयरलिफ्ट किया जाता है।
Rewa जिले ने बनाया रिकॉर्ड
अब तक इस योजना का सबसे अधिक लाभ Rewa जिले के लोगों को मिला है। 127 मरीजों को विभिन्न जिलों और शहरों से एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों में पहुंचाया गया है, जिसमें से 44 मरीज रीवा जिले के हैं। रीवा से पहला एयरलिफ्ट मरीज भी इसी जिले से हुआ था। जिले में मरीजों की उच्च संख्या का कारण यह भी है कि यहां अन्य जिलों के मरीज भी आते हैं और रीवा से भोपाल, इंदौर और अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में भेजे जाते हैं।
हालांकि, 32 जिले अभी तक इस सेवा का लाभ किसी मरीज को नहीं दे पाए हैं। इन जिलों में मऊगंज, सीधी, मैहर, उज्जैन (आगर मालवा), देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, झाबुआ, खरगोन, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, सिवनी, पंढुर्ना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, मुरैना, श्योपुर, भिंड, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।
एक साल में एयरलिफ्ट का आंकड़ा
PMShri Air एंबुलेंस सेवा की शुरुआत मई 2024 में हुई थी। मई 2024 से मई 2025 तक कुल 69 मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों में पहुंचाया गया। इस दौरान औसतन 6 मरीज प्रति माह इस सेवा का लाभ उठाते रहे। प्रारंभिक चरण में सेवा के प्रति जागरूकता कम होने के कारण मरीजों की संख्या सीमित रही।
लेकिन धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ी और लोगों ने इस सुविधा का अधिक लाभ लेना शुरू किया। जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक करीब 58 मरीजों को एयरलिफ्ट किया गया, जो औसतन 10 मरीज प्रति माह है। प्रशासन ने दावा किया कि इस सेवा के उपयोग में लगभग 67% की वृद्धि दर्ज की गई है।
PMShri Air एंबुलेंस सेवा के प्रावधान
इस सेवा का लाभ उन मरीजों को मिलता है:
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जिनका उपचार उनके पास के अस्पतालों में संभव नहीं है।
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जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत जिले या राज्य से बाहर ले जाना आवश्यक हो।
सेवा का उपयोग करने के लिए कुछ आवश्यक प्रक्रियाएँ हैं:
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उपचार कर रहे डॉक्टर की अनुशंसा
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सीएमएचओ (Chief Medical and Health Officer) की सिफारिश
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कलेक्टर की अनुमति
यदि मरीज को प्रदेश के बाहर ले जाना हो, तो चिकित्सा शिक्षा के संचालक की अनुशंसा भी आवश्यक होती है। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि केवल वास्तविक और गंभीर मरीज ही इस सेवा का लाभ उठा सकें।
सेवा की आवश्यकता और महत्व
मध्य प्रदेश के कई जिले चिकित्सा सुविधा के दृष्टिकोण से पिछड़े हैं। छोटे जिलों में गंभीर मामलों का इलाज उपलब्ध नहीं है, इसलिए मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों में ले जाना जरूरी हो जाता है। ऐसे समय में एयर एंबुलेंस सेवा जीवनरक्षक साबित होती है। यह न केवल आपातकालीन परिस्थितियों में समय बचाती है, बल्कि मरीजों को उचित समय पर इलाज दिलाने में मदद करती है।
रीवा जिले की अग्रणी भूमिका यह दिखाती है कि जागरूकता और सुविधा की पहुंच दोनों ही आवश्यक हैं। अन्य जिलों में मरीजों की कम संख्या यह दर्शाती है कि वहां इस योजना के प्रति जागरूकता कम है।
सुरक्षा और संचालन
PMShri Air एंबुलेंस सेवा के तहत हेल्थकेयर टीम सुनिश्चित करती है कि मरीज सुरक्षित रूप से एयरलिफ्ट हो। एयरलिफ्ट के दौरान आवश्यक मेडिकल उपकरण, दवाइयाँ और trained paramedical staff मौजूद रहते हैं। इसके माध्यम से मरीजों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
भविष्य की योजनाएँ
प्रदेश प्रशासन की योजना है कि जल्द ही सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा, सेवा की संख्या और एयर एंबुलेंस की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। उद्देश्य है कि किसी भी मरीज को जीवनदायिनी सुविधा से वंचित न रहना पड़े और प्रत्येक जिले के लोग इसका लाभ उठा सकें।
निष्कर्ष
PMShri Air एंबुलेंस सेवा ने मध्य प्रदेश में मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनदायिनी सुविधा उपलब्ध कराई है। रीवा जिले की सफलता दर्शाती है कि जागरूकता, सुविधा और प्रशासनिक सहयोग से मरीजों को समय पर इलाज मिल सकता है। वहीं, 32 जिले जिनमें अभी तक मरीजों का एयरलिफ्ट नहीं हुआ, वहां भी इस सेवा का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता है।
इस सेवा के माध्यम से प्रदेश में जीवनदायिनी चिकित्सा सुविधा की गुणवत्ता बढ़ेगी और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच चिकित्सा के अंतर को भी कम करती है।
