PM किसान योजना की 22वीं किस्त: इंतजार खत्म, असम दौरे में हो सकती है घोषणा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) योजना की अगली किस्त को लेकर देशभर के किसानों में उत्सुकता बढ़ गई है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को असम के कोकराझार दौरे के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने की घोषणा कर सकते हैं।
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता मिलती है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
असम दौरे में PM मोदी के कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को कोकराझार, असम में कई सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे बोडोलैंड टेरिटोरियल एरियाज डिस्ट्रिक्ट में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि इसी रैली के दौरान पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त की घोषणा की जा सकती है। हालांकि, अभी तक इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
PM किसान योजना की पिछली किस्तें
PM किसान योजना की शुरुआत से ही किसानों को सालाना 6,000 रुपये की मदद दी जा रही है, जो तीन समान किस्तों में उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।
- 20वीं किस्त: 2 अगस्त 2025, वाराणसी से जारी
- 21वीं किस्त: नवंबर 2025, कोयंबटूर (तमिलनाडु) से जारी
इन किस्तों ने लाखों किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद की है।
मध्यप्रदेश में योजना का प्रभाव
मध्यप्रदेश में इस योजना का लाभ लगभग 81 लाख 81 हजार 751 किसान उठा रहे हैं। सरकार अपात्र लाभार्थियों की पहचान को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए है। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में लगभग 1.66 लाख किसानों के नाम पात्रता सूची से हटाए जा चुके हैं।
इस तरह की निगरानी यह सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ केवल वास्तव में पात्र किसानों तक पहुंचे।
पीएम किसान योजना से लाभ
सरकार के अनुसार अब तक करीब 10 करोड़ किसानों को इस योजना के तहत 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं, जिनसे किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है:
- MSP सुधार: किसानों को लागत का डेढ़ गुना तक लाभ मिल रहा है
- Institutional Credit Coverage: 75 प्रतिशत से अधिक
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के दावे निपटाए गए
किसानों के लिए अन्य योजनाएं
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अलावा सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाओं को लागू किया है। इनमें फसल बीमा, कृषि कर्ज, और तकनीकी सहायता शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को वित्तीय सुरक्षा, लाभकारी MSP, और प्राकृतिक आपदाओं के समय आर्थिक मदद प्रदान करना है।
इस तरह की योजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाती हैं बल्कि उन्हें खेती में नई तकनीक अपनाने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में भी मदद करती हैं।
क्या उम्मीद की जा सकती है?
13 मार्च के कोकराझार दौरे के दौरान किसानों को 22वीं किस्त के रूप में वित्तीय सहायता मिलने की संभावना है। इससे लाखों किसानों को उनकी आय में मदद मिलेगी और वे अपनी कृषि गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रख पाएंगे।
किसानों के बीच इस योजना को लेकर उत्सुकता अधिक है, और इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा भी जोरों पर है।
निष्कर्ष
पीएम किसान योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा और सहारा प्रदान करती है। हर साल की किस्तें किसानों के लिए राहत और प्रोत्साहन का काम करती हैं।
मध्यप्रदेश समेत पूरे देश के लाखों किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। 13 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी के असम दौरे के दौरान 22वीं किस्त की घोषणा से किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
यह योजना यह भी सुनिश्चित करती है कि सभी पात्र किसानों तक सहायता पहुँचे और कृषि क्षेत्र में सुधार जारी रहे।
