रतलाम साइबर सेल के मनमोहन शर्मा का के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार 2025 के लिए चयन हुआ। तकनीकी पुलिसिंग से हत्या, अपहरण, साइबर ठगी, बड़ी चोरी और MDMA नेटवर्क के मामलों में अहम भूमिका निभाई।
रतलाम साइबर सेल के मनमोहन शर्मा को के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार
तकनीकी पुलिसिंग से अंधे कत्ल, अपहरण, बड़ी चोरी, साइबर ठगी और एमडी ड्रग्स नेटवर्क के खुलासों में निभाई अहम भूमिका
रतलाम। प्रियंका गुजराती। रतलाम पुलिस साइबर सेल में पदस्थ मनमोहन शर्मा का चयन पुलिस सेवा में उल्लेखनीय एवं सराहनीय कार्यों के लिए के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार वर्ष 2025 के लिए किया गया है। पुरस्कार के तहत उन्हें 50 हजार रुपये की राशि एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
मनमोहन शर्मा ने अपने करीब 25 वर्ष के सेवाकाल में तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों और ओपन सोर्स तकनीक का उपयोग करते हुए कई गंभीर एवं जटिल अपराधों की जांच और खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें हत्या, बच्चों के अपहरण, बड़ी चोरी, ऑनलाइन ठगी और मादक पदार्थों से जुड़े मामले शामिल हैं।
कालूखेड़ा थाना क्षेत्र में 10 माह की मासूम के अपहरण एवं हत्या के मामले में तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी दशरथ कटारिया को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। वहीं रिंगनोद थाना क्षेत्र के ढोढर फोरलेन पर युवती की हत्या के मामले में तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पिंटू राजपूत और उसकी पत्नी शीतल की गिरफ्तारी हुई।
औद्योगिक क्षेत्र रतलाम में रचना उपाध्याय की हत्या के मामले में संतोष राव और सलमान को गिरफ्तार किया गया। रावटी क्षेत्र में माही नदी से मिले महिला के शव की पहचान पार्वती बाई के रूप में होने के बाद मामले में सुरेश और विदेश को गिरफ्तार कर दुष्कर्म एवं हत्या के प्रकरण का खुलासा किया गया।
65 लाख की चोरी का 24 घंटे में खुलासा
डीडी नगर थाना क्षेत्र में करीब 65 लाख रुपये की चोरी के मामले में तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर वारदात का खुलासा करते हुए नौकर अनिल डामोर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आलोट क्षेत्र में ‘Meta Trades 5 Pro’ ऐप के जरिए हुई 7.11 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में भी कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
ड्रग्स नेटवर्क और ऑपरेशन मुस्कान में भी योगदान
मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में 26 प्रकरणों में 73 आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब 4.10 करोड़ रुपये मूल्य की 4.262 किलोग्राम MDMA जब्त करने की कार्रवाई में भी शर्मा की भूमिका रही।
औद्योगिक क्षेत्र जावरा में अपहृत दो बच्चों को ओपन सोर्स तकनीक की सहायता से 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कराया गया और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं ऑपरेशन मुस्कान के तहत 158 गुमशुदा नाबालिगों को दस्तयाब करने में भी उनका योगदान बताया गया है।
मनमोहन शर्मा को 25 वर्ष की सेवा के दौरान सराहनीय कार्यों के लिए 423 प्रशंसा एवं नकद पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इनमें 284 नकद पुरस्कार शामिल हैं, जिनकी कुल राशि 1,71,440 रुपये बताई गई है। तकनीकी पुलिसिंग और गंभीर अपराधों के खुलासे में योगदान के आधार पर उनका चयन के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार के लिए किया गया है।
