CGST सहायक आयुक्त रिश्वत मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। रतलाम के अधिकारी शंकर परमार को 1.5 लाख रुपये लेते गिरफ्तार किया गया। पढ़ें पूरी खबर।
रतलाम CGST दफ्तर में 1.5 लाख रुपये रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार, CBI ने की ट्रैप कार्रवाई
CBI ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए रतलाम स्थित CGST कार्यालय के सहायक आयुक्त को 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उनके दफ्तर में ही ट्रैप लगाकर की गई।
इंदौर। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए CGST रतलाम के सहायक आयुक्त शंकर परमार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अधिकारी पर एक फर्म के खिलाफ GST कार्रवाई रोकने के बदले मोटी रकम मांगने का आरोप है।CBI ने 31 मार्च को दर्ज प्रकरण में सहायक आयुक्त शंकर परमार के साथ-साथ बिचौलिए सुरेश मनसुखानी को भी आरोपी बनाया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है।
5 लाख की डील, 1.5 लाख पर हुआ ट्रैप
CBI को 30 जनवरी 2026 को मिली शिकायत में खुलासा हुआ था कि रतलाम स्थित CGST कार्यालय के अधिकारी एक फर्म के खिलाफ GST कार्रवाई न करने के बदले अवैध रकम की मांग कर रहे हैं। जांच में सामने आया कि CGST सहायक आयुक्त ने बिचौलिए के जरिए शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये की रिश्वत तय की थी। संबंधित फर्म जावरा की बताई जा रही है।
CBI की टीम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इस मामले की पुष्टि के लिए जांच शुरू की। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि आरोपी अधिकारी ने बिचौलिए के माध्यम से रिश्वत की राशि को लेकर डील फाइनल कर ली थी। इसके बाद CBI ने ट्रैप की योजना बनाई।
ऑफिस में ही दबोचा गया आरोपी CGST सहायक आयुक्त
CBI ने सुनियोजित ट्रैप बिछाकर रतलाम स्थित CGST कार्यालय में कार्रवाई की। टीम ने तब दबिश दी जब आरोपी CGST सहायक आयुक्त शंकर परमार बिचौलिए के माध्यम से 1.5 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार कर रहे थे। CBI के अधिकारियों ने उन्हें उन्हीं के कार्यालय कक्ष में रंगे हाथों पकड़ लिया।
यह कार्रवाई इतनी सटीक थी कि आरोपी अधिकारी के पास कुछ भी छिपाने का मौका नहीं मिला। CBI की टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि CBI के वरिष्ठ अधिकारियों ने की है।
देर रात तक पूछताछ, कई ठिकानों पर छापे
गिरफ्तारी के बाद मंगलवार देर रात तक दोनों आरोपितों से पूछताछ जारी रही। CBI टीम ने उनके ठिकानों पर तलाशी भी ली है और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, CGST सहायक आयुक्त रिश्वत मामले में कुछ और नाम भी सामने आ सकते हैं।CBI की टीम आरोपियों के पास मिले दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कई और लोगों से पूछताछ की जा सकती है, क्योंकि आरोपी अधिकारी का यह पहला मामला नहीं हो सकता है। जांच एजेंसी उनके पिछले रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
CBI की कार्रवाई से हड़कंप
CBI की इस कार्रवाई से राज्यभर के सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। विशेष रूप से GST विभाग में यह कार्रवाई एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे कुछ भ्रष्ट अधिकारी आम जनता और व्यापारियों को परेशान करके अवैध वसूली कर रहे थे।व्यापारी नेताओं ने CBI की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से व्यापारियों में सुरक्षा का माहौल बनेगा और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। वहीं, CBI के अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा और किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद कुछ भी हो।

