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Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच बढ़ी, CCTV से पुलिस भूमिका पर गंभीर सवाल और नए खुलासे सामने आए।

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Published On: 1 July 2026
Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामला: जांच में पुलिस की भूमिका पर सवाल, CCTV फुटेज से बढ़ा विवाद

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Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामला: जांच में पुलिस की भूमिका पर सवाल, CCTV फुटेज से बढ़ा विवाद

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले ने पकड़ा तूल

अयोध्या: Ram Mandir में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

आरोप है कि पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी शुरुआत से ही थी, लेकिन औपचारिक कार्रवाई करने में देरी की गई। अब यह मामला केवल चोरी तक सीमित न रहकर जांच प्रक्रिया और प्रशासनिक जवाबदेही तक पहुंच गया है।

SIT जांच की अवधि बढ़ाई गई

मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या में चल रही विशेष जांच टीम (SIT) की अवधि बढ़ा दी गई है। अब जांच एजेंसी को 15 जुलाई तक रिपोर्ट तैयार करने का समय दिया गया है।

जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है, ताकि इस मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा सके और किसी भी स्तर पर लापरवाही या साजिश को उजागर किया जा सके।

CCTV फुटेज से उठे नए सवाल

इस मामले में सामने आए एक CCTV फुटेज ने जांच को और जटिल बना दिया है। फुटेज में कुछ पुलिसकर्मी एक आरोपी अविनाश शुक्ला को कार में बैठाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इसी वीडियो में एक काला बैग भी नजर आता है, जिसमें कथित तौर पर बरामद नकदी होने की बात कही जा रही है। यह फुटेज 5 जून का बताया जा रहा है।

इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं:

  • क्या पुलिस को पहले से मामले की जानकारी थी?
  • यदि हां, तो तुरंत FIR क्यों दर्ज नहीं की गई?
  • बरामद नकदी को लेकर प्रक्रिया क्या थी?

मीडिया में खुलासा होने के बाद दर्ज हुई FIR

सूत्रों के अनुसार, यह मामला 6 जून को मीडिया में सामने आया था। इसके बाद यह मुद्दा तेजी से सुर्खियों में आया और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

बढ़ते दबाव के बाद SIT जांच की मांग की गई और प्रारंभिक जांच के बाद 23 जून को FIR दर्ज की गई।

इससे पहले पुलिस का दावा था कि उन्हें किसी तरह की औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी, इसलिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।

ट्रस्ट पर आरोप: मामला दबाने की कोशिश

सूत्रों का यह भी कहना है कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारी शुरू में मामले को सार्वजनिक करने के बजाय चोरी की रकम वापस लेकर मामला शांत करने की कोशिश कर रहे थे।

इसी वजह से शुरुआती चरण में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। आरोप यह भी है कि ट्रस्ट के कुछ लोग खुद ही जांच प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि:

  • जांच में शुरुआत में सख्ती नहीं दिखाई गई
  • औपचारिक पूछताछ की बजाय केवल बयान दर्ज किए गए
  • उच्च स्तर पर पहुंच के कारण कार्रवाई प्रभावित हुई

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है।

जांच का दायरा बढ़ाया गया

SIT अब इस मामले में केवल चोरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी जांच करेगी कि:

  • कितनी राशि गायब हुई
  • किन-किन स्तरों पर लापरवाही हुई
  • क्या किसी ने जानबूझकर जांच को प्रभावित किया

जांच एजेंसी सभी संबंधित दस्तावेज, CCTV फुटेज और बयान दोबारा खंगाल रही है।

ट्रस्ट और प्रशासन के बीच समन्वय पर बहस

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती चरण में ट्रस्ट और पुलिस के बीच समन्वय की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, इस समन्वय को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह जांच को प्रभावित करने वाला कारक था या केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा था।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों और सामाजिक संगठनों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे जांच प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बता रहे हैं।

आगे की दिशा

अब सभी की नजरें SIT जांच पर टिकी हैं, जो 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यह रिपोर्ट तय करेगी कि:

  • क्या वास्तव में चढ़ावे की राशि में चोरी हुई
  • पुलिस या ट्रस्ट की भूमिका कितनी संदिग्ध रही
  • और किन लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी

निष्कर्ष

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब केवल एक वित्तीय अनियमितता नहीं रह गया है, बल्कि यह जांच प्रणाली, प्रशासनिक पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।

CCTV फुटेज और देरी से दर्ज हुई FIR ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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