—Advertisement—

Ram Mandir Donation Scam: SIT जांच में बड़ा विस्तार, 5 साल का ऑडिट और लेनदेन जांच के घेरे में

Author Picture
Published On: 2 July 2026
Ram Mandir Donation Scam:

—Advertisement—

Ram Mandir Donation Scam: SIT जांच में बड़ा विस्तार, 5 साल का ऑडिट और लेनदेन जांच के घेरे में

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले की जांच में नया मोड़

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच का दायरा और अधिक बढ़ाते हुए पिछले पांच वर्षों के पूरे ऑडिट रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और निर्माण कार्यों की गहन जांच करने का निर्णय लिया है। शुरुआती जांच में सामने आए कुछ संकेतों के बाद यह फैसला लिया गया है, जिनमें वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, अब केवल हालिया लेनदेन ही नहीं बल्कि ट्रस्ट के पिछले कई वर्षों के सभी वित्तीय दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन, दान की गणना, और खर्चों का विस्तृत ऑडिट किया जाएगा।

SIT की जांच का दायरा हुआ और व्यापक

SIT अब इस मामले को केवल चढ़ावे की गड़बड़ी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि पूरे ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और निर्माण गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसी को कुछ ऐसे दस्तावेज और शुरुआती साक्ष्य मिले हैं, जो संभावित अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं।

इन्हीं संकेतों के आधार पर अब यह तय किया गया है कि पिछले पांच सालों के ऑडिट रिकॉर्ड को पूरी तरह से दोबारा खंगाला जाएगा। इसमें यह भी देखा जाएगा कि मंदिर निर्माण से जुड़े फंड का उपयोग कैसे किया गया, किन-किन परियोजनाओं में खर्च हुआ और क्या सभी लेनदेन पारदर्शी तरीके से किए गए थे या नहीं।

सरकार ने बढ़ाया जांच का समय, रिपोर्ट अब 15 जुलाई तक

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने SIT को अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है। अब जांच एजेंसी को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया गया है।

पहले यह माना जा रहा था कि रिपोर्ट जल्द ही सौंप दी जाएगी, लेकिन जांच के दायरे के बढ़ने और नए दस्तावेजों के सामने आने के कारण अतिरिक्त समय की आवश्यकता महसूस की गई।

सूत्रों का कहना है कि SIT इस समय विभिन्न स्तरों पर सबूतों का विश्लेषण कर रही है और कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक जांच भी की जा सकती है।

पूछताछ में ट्रस्टी अनिल मिश्रा का बड़ा दावा

जांच के दौरान ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की गई है। पूछताछ में उन्होंने कई महत्वपूर्ण दावे किए हैं।

सूत्रों के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की गणना और प्रबंधन में शामिल कर्मचारी टिन्नू यादव के निर्देशों के तहत काम करते थे। अनिल मिश्रा ने अपनी ओर से किसी भी प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि वे सीधे तौर पर किसी भी वित्तीय अनियमितता में शामिल नहीं थे।

हालांकि, SIT ने उनके दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जारी है। एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या इन बयानों के पीछे वास्तविक आधार है या यह जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है।

ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी जांच की नजर

जांच एजेंसी केवल कर्मचारियों या निचले स्तर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों के फैसलों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है।

इसके अलावा ट्रस्ट के निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकों, भुगतान प्रक्रिया और परियोजनाओं की स्वीकृति की भी समीक्षा की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या सभी निर्णय नियमों और पारदर्शिता के साथ लिए गए थे या नहीं।

लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद जांच की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

6 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक पर सभी की नजर

इस पूरे मामले के बीच 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसे बेहद अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका और भविष्य पर चर्चा हो सकती है। यदि किसी प्रकार के बदलाव या पद से हटाने का प्रस्ताव आता है, तो उस पर निर्णय लेने के लिए ट्रस्ट के नियमों के अनुसार दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी।

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ट्रस्ट के 14 में से पहले ही दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे मौजूदा शक्ति संतुलन और भी संवेदनशील हो गया है।

ट्रस्ट के नियम और पद से हटाने की प्रक्रिया

ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, किसी भी पदाधिकारी को उसके पद से हटाया जा सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया केवल बहुमत के आधार पर पूरी नहीं होती।

यदि किसी पदाधिकारी को हटाने का प्रस्ताव लाया जाता है, तो उसे पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है। इसका मतलब है कि ट्रस्ट के अधिकांश सदस्यों की सहमति जरूरी है।

हालांकि, नियम यह भी स्पष्ट करते हैं कि किसी व्यक्ति को पद से हटाने के बाद भी उसकी ट्रस्ट सदस्यता बनी रह सकती है। यानी पद और सदस्यता दो अलग-अलग चीजें हैं।

पहले भी मतदान से हुआ था बड़ा फैसला

यह पहली बार नहीं है जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय मतदान के माध्यम से लिया हो।

रामलला की मूर्ति के चयन के समय भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी। उस समय दो-तिहाई बहुमत से प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज की प्रतिमा को चुना गया था, जिसे अब राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया है।

यह उदाहरण दर्शाता है कि ट्रस्ट महत्वपूर्ण निर्णयों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और बहुमत प्रणाली का पालन करता है।

आगे की जांच और संभावित परिणाम

फिलहाल SIT की जांच और ट्रस्ट की आगामी बैठक दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण चरण में हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या कोई बड़े प्रशासनिक या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वित्तीय अनियमितताओं के ठोस सबूत सामने आते हैं, तो यह मामला और भी गंभीर रूप ले सकता है। वहीं, यदि आरोप साबित नहीं होते हैं, तो यह जांच प्रशासनिक पारदर्शिता की एक महत्वपूर्ण परीक्षा भी साबित होगी।

निष्कर्ष

राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा घोटाले की जांच अब अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है। SIT द्वारा पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच और ट्रस्ट की आगामी बैठक इस पूरे मामले के भविष्य की दिशा तय करेगी। फिलहाल सभी की नजर 6 जुलाई की बैठक और 15 जुलाई को आने वाली SIT रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो इस मामले में कई बड़े खुलासों की संभावना को जन्म दे सकती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp