रक्षा सूत्र से मजबूत हुआ भाई-बहन का पवित्र रिश्ता, ब्रह्मकुमारी बहन भारती ने एसपी आनंद कलादगि को बांधी राखी
पुलिस परिवार की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और दीर्घायु की कामना; एसपी ने दिया बहनों की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव का संदेश
संवाददाता – सोनू अठया
दमोह। भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर दमोह में ब्रह्मकुमारी आश्रम की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। फुटेरा वार्ड क्रमांक-4 स्थित कछयाना मोहल्ले के ब्रह्मकुमारी आश्रम से पहुंचीं बहन भारती वैन ने पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि (भापुसे) को रक्षा सूत्र बांधकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने समाज और नागरिकों की सुरक्षा में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे पूरे पुलिस परिवार के प्रति सम्मान एवं शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।
एसपी आनंद कलादगि को बांधा रक्षा सूत्र
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बहन भारती वैन ने पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि को पारंपरिक रूप से राखी बांधी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
इस दौरान वातावरण आत्मीयता और भाईचारे से भरा नजर आया। रक्षा सूत्र के माध्यम से समाज में सुरक्षा, विश्वास और परस्पर सहयोग का संदेश दिया गया।
पुलिस परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना
बहन भारती वैन ने एसपी को राखी बांधते हुए पुलिस परिवार की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं।
ऐसे में रक्षाबंधन जैसे पर्व पर पुलिस परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करना सामाजिक जुड़ाव और आत्मीयता को मजबूत करने का माध्यम बनता है।
एसपी ने जताया आभार
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने रक्षा सूत्र बांधने पर बहन भारती वैन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने रक्षाबंधन को भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक बताते हुए समाज में महिलाओं और बहनों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व भारतीय संस्कृति में पारिवारिक रिश्तों के साथ सामाजिक एकता और सद्भाव को भी मजबूत करते हैं। समाज में सभी लोगों को आपसी प्रेम, सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखनी चाहिए।
सामाजिक समरसता का दिया संदेश
रक्षाबंधन केवल भाई और बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को भी प्रदर्शित करता है। ब्रह्मकुमारी आश्रम द्वारा पुलिस अधिकारियों को रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा इसी व्यापक सामाजिक संदेश को सामने रखती है।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज में भाईचारे, शांति, सद्भाव और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास तथा सहयोग के संबंधों को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।
पुलिसकर्मियों के योगदान का किया सम्मान
पुलिसकर्मियों को अक्सर त्योहारों के दौरान अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात संभालने, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था करने और किसी भी आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस बल लगातार सक्रिय रहता है।
रक्षाबंधन के अवसर पर ब्रह्मकुमारी आश्रम की ओर से पुलिस अधीक्षक को राखी बांधना पुलिसकर्मियों की इसी सेवा भावना के प्रति सम्मान के रूप में भी देखा गया।
ब्रह्मकुमारी आश्रम की सामाजिक पहल
ब्रह्मकुमारी आश्रम की ओर से प्रतिवर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों और अधिकारियों को रक्षा सूत्र बांधकर शुभकामनाएं दी जाती हैं। इस पहल का उद्देश्य रक्षा सूत्र के माध्यम से आध्यात्मिकता, सेवा, सुरक्षा, आपसी विश्वास और सामाजिक सद्भाव का संदेश देना है।
आश्रम से जुड़ी बहनें रक्षाबंधन के अवसर पर लोगों को सकारात्मक सोच, आपसी सहयोग और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
भाईचारे और विश्वास का पर्व है रक्षाबंधन
भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसके सुखद और सुरक्षित जीवन की कामना करती है, जबकि भाई बहन की रक्षा और सहयोग का संकल्प लेता है। समय के साथ इस पर्व का सामाजिक स्वरूप भी व्यापक हुआ है।
दमोह में आयोजित इस कार्यक्रम ने भी रक्षाबंधन के इसी व्यापक संदेश को सामने रखा। ब्रह्मकुमारी बहन भारती वैन द्वारा एसपी आनंद कलादगि को बांधा गया रक्षा सूत्र पुलिस और समाज के बीच विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक बना।
कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही समाज में शांति, भाईचारा और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
