राज्यसभा चुनाव: एमपी में गायब हुए BAP विधायक, दोनों मोबाइल बंद;
तीसरी सीट को लेकर एमपी की राजनीति में बढ़ा तनाव
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर चल रहा सियासी मुकाबला अब और ज्यादा रोचक और तनावपूर्ण हो गया है। भाजपा द्वारा तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतारने के बाद जहां राजनीतिक तापमान पहले से ही बढ़ा हुआ था, वहीं अब भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार के अचानक संपर्क से बाहर होने की खबर ने दोनों प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है।
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक दबाव की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
BAP विधायक कमलेश्वर डोडियार अचानक गायब
सूत्रों के अनुसार, BAP विधायक कमलेश्वर डोडियार सोमवार को अचानक संपर्क में नहीं आए। बताया जा रहा है कि शाम के समय से ही वे किसी से भी संपर्क में नहीं हैं।
स्थिति तब और चर्चित हो गई जब यह सामने आया कि उनके दोनों मोबाइल नंबर भी बंद आ रहे हैं। इसके बाद राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ गई और उनके संभावित ठिकाने को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
दोनों दलों की नजरें विधायक पर
राज्यसभा चुनाव के इस अहम चरण में सभी दल एक-एक विधायक पर नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि तीसरी सीट का परिणाम क्रॉस वोटिंग और छोटे दलों के विधायकों के रुख पर काफी हद तक निर्भर कर सकता है।
इसी कारण BAP विधायक कमलेश्वर डोडियार की भूमिका को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। दोनों प्रमुख दल उनके संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
नामांकन के बाद बढ़ी राजनीतिक गहमागहमी
राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। भाजपा की ओर से महेश केवट और कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया।
इस बीच सत्तारूढ़ दल को भरोसा है कि उनके पास पर्याप्त समर्थन है, जबकि कांग्रेस ने दावा किया है कि उनके सभी विधायक एकजुट हैं और किसी प्रकार की टूट नहीं होगी।
सीएम मोहन यादव का भरोसा
भाजपा प्रत्याशी महेश केवट के नामांकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि पार्टी तीसरी सीट भी जीतने में सफल रहेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा को पूरा विश्वास है कि उनके प्रत्याशी को पर्याप्त समर्थन मिलेगा और पार्टी राज्यसभा की सभी संभावित सीटों पर मजबूत स्थिति में रहेगी।
कांग्रेस का एकजुटता का दावा
वहीं कांग्रेस ने भाजपा के तीसरे उम्मीदवार उतारने को “दबाव और खरीद-फरोख्त की राजनीति” करार दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और किसी भी तरह की टूट की संभावना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
सियासी समीकरण और बढ़ी अटकलें
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर चल रहा यह मुकाबला अब केवल संख्या बल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरी तरह से रणनीति, राजनीतिक प्रबंधन, विश्वास और विधायकों की एकजुटता की परीक्षा बन चुका है। इस चुनावी समीकरण में हर एक विधायक की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है और छोटे दलों के विधायकों का रुख भी परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
इसी बीच भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक के अचानक संपर्क से बाहर होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को और तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि उनके दोनों मोबाइल फोन बंद हैं, जिससे विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी तक किसी भी राजनीतिक दल या संबंधित पक्ष की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस घटनाक्रम ने राज्यसभा चुनाव की सियासी गर्मी को और बढ़ा दिया है और सभी दल स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
निष्कर्ष
राज्यसभा चुनाव के बीच BAP विधायक कमलेश्वर डोडियार का अचानक संपर्क से बाहर होना और उनके दोनों मोबाइल फोन बंद आना मध्य प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ लेकर आया है। इस घटनाक्रम ने पहले से ही गरमाए हुए चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण और चर्चाओं से भरा बना दिया है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अब सभी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में विधायक का रुख क्या रहता है और वे किस तरह से सामने आते हैं। उनकी स्थिति और निर्णय राज्यसभा की तीसरी सीट के समीकरणों को किस हद तक प्रभावित करेंगे, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल यह मामला राजनीतिक अनिश्चितता और सस्पेंस को और बढ़ा रहा है, जिससे पूरे चुनावी परिदृश्य में हलचल बनी हुई है।
