कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है, जिसमें उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए सरकारी फंड का प्रस्ताव रखा था। राजनाथ सिंह ने वडोदरा के पास साधली गांव में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘एकता मार्च’ में यह टिप्पणी की। उनके अनुसार, सरदार पटेल ने यह प्रस्ताव कड़ा विरोध करते हुए रोक दिया था।
कांग्रेस और विपक्षी दलों की आलोचना :

राजनाथ सिंह के बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि उन्हें तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए और इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं करना चाहिए। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी कहा कि रक्षा मंत्री को इतिहास पर बयान देने की बजाय देश के सामने मौजूद रणनीतिक चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी राजनाथ सिंह से सेना और सैनिकों की सुविधाओं पर फोकस करने की अपील की।
राजनाथ सिंह के बयान का संदर्भ :

राजनाथ सिंह ने कहा कि पटेल का मानना था कि किसी धार्मिक स्थल के निर्माण में सरकारी पैसा खर्च नहीं होना चाहिए, इसलिए उन्होंने नेहरू के प्रस्ताव को रोक दिया। उन्होंने यह भी कहा कि नेहरू ने उस धन का इस्तेमाल कुएं और सड़कें बनाने में करने का सुझाव दिया, जो उस समय जनता ने पटेल की स्मृति में इकट्ठा किया था। राजनाथ सिंह ने इसे ‘अजीब’ सुझाव करार दिया, क्योंकि सरकार के जिम्मेदार क्षेत्र में यह खर्च आता था।
