—Advertisement—

Rajasthan किसान योजना: मौसम से फसल खराब होने पर सरकार देगी ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा

Author Picture
Published On: 23 June 2026
Rajasthan
— राजस्थान सरकार की किसान राहत योजना के तहत मौसम से फसल खराब होने पर किसानों को ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा दिया जाएगा

—Advertisement—

Rajasthan किसान योजना: मौसम से फसल खराब होने पर सरकार देगी ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा

Rajasthan में खेती पूरी तरह से मौसम पर निर्भर मानी जाती है। हर साल राज्य के लाखों किसान खरीफ और रबी सीजन में फसल की बुवाई करते हैं, लेकिन कई बार प्राकृतिक आपदाएं उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। कभी अत्यधिक बारिश, कभी सूखा, तो कभी ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण किसानों की फसलें भारी नुकसान झेलती हैं।

इन परिस्थितियों को देखते हुए राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है, जिसका नाम कृषि आदान अनुदान सहायता योजना है। इस योजना के तहत फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें और अपनी आजीविका को फिर से मजबूत बना सकें।

प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होता है भारी नुकसान

Rajasthan में कृषि मुख्य रूप से मानसून पर निर्भर है। कई बार मौसम के अचानक बदलने से किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद हो जाती है। सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, पाला, शीतलहर, चक्रवात, तेज आंधी और कीटों के प्रकोप जैसी स्थितियां फसलों को भारी नुकसान पहुंचाती हैं।

ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने यह मुआवजा योजना लागू की है।

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को दिया जाता है, जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम 33 प्रतिशत या उससे अधिक खराब हुई हो।

फसल नुकसान का आकलन राजस्व विभाग द्वारा किया जाता है। इसके लिए गिरदावरी रिपोर्ट को आधार माना जाता है। सर्वेक्षण के बाद जब नुकसान की पुष्टि हो जाती है, तभी पात्र किसानों को सहायता राशि प्रदान की जाती है।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि केवल वास्तविक प्रभावित किसानों तक ही पहुंचे।

आवेदन की आवश्यकता नहीं, सिस्टम से होता है चयन

इस योजना की एक खास बात यह है कि किसानों को इसके लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होती।

प्रभावित किसानों का डेटा संबंधित पटवारी या डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया जाता है। खरीफ फसलों का डेटा 31 मार्च तक और रबी फसलों का डेटा 30 सितंबर तक अपलोड किया जाता है।

यदि किसी किसान की फसल का सर्वे नहीं हुआ है, तो वह राज गिरदावरी ऐप के माध्यम से नुकसान की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके अलावा किसान पटवारी, तहसीलदार या जिला कलेक्टर को भी सूचना देकर सर्वे की मांग कर सकते हैं।

फसल के प्रकार के अनुसार मिलती है सहायता राशि

Rajasthan सरकार द्वारा एसडीआरएफ (State Disaster Response Fund) के मानकों के अनुसार किसानों को सहायता राशि प्रदान की जाती है। फसल की स्थिति और सिंचाई व्यवस्था के आधार पर मुआवजे की राशि अलग-अलग तय की गई है।

  • वर्षा आधारित (Rain-fed) फसलें: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर
  • सिंचित (Irrigated) फसलें: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर
  • बारहमासी (Perennial) फसलें: ₹22,500 प्रति हेक्टेयर

हालांकि इस योजना के तहत अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक ही मुआवजा दिया जाता है।

किसानों के लिए बड़ी राहत

यह योजना उन किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है जो हर साल मौसम की अनिश्चितता के कारण नुकसान झेलते हैं। सरकार का मानना है कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से किसान फिर से खेती शुरू कर सकते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति पर अधिक असर नहीं पड़ेगा।

डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता पर जोर

सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और सर्वे सिस्टम को अपनाया है। इससे फर्जीवाड़े की संभावना कम होती है और वास्तविक किसानों तक ही लाभ पहुंचता है।

निष्कर्ष

Rajasthan सरकार की यह योजना प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा है। ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता राशि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करती है। हालांकि किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने फसल नुकसान की जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि उन्हें योजना का पूरा लाभ मिल सके।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp