Raja Raghuvanshi Murder Case: सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के बाद राजा की मां का बड़ा दावा, बोलीं- ‘सोनम ही है पूरी साजिश की मास्टरमाइंड’
इंदौर। देशभर में चर्चित Raja Raghuvanshi हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया है। सोनम ने दावा किया है कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और वह जांच व ट्रायल प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रही है।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोनम को इस पूरे मामले की मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए आरोप लगाया कि सोनम ही हत्या की योजना की मास्टरमाइंड है।
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, फैसला सुरक्षित
Raja Raghuvanshi हत्याकांड में सोनम को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसी मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला फिलहाल सुरक्षित रख लिया है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। कोर्ट यह तय करेगा कि सोनम को मिली जमानत पर रोक लगाई जाए या नहीं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की जांच और ट्रायल की स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल भी उठाए। पिछली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया था कि मामले में अभी बड़ी संख्या में गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं और केस अभी ट्रायल के चरण में है।
राजा की मां ने सोनम पर लगाए गंभीर आरोप
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने मीडिया से बातचीत में सोनम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सोनम खुद को निर्दोष बता रही है, लेकिन अगर वह वास्तव में बेगुनाह होती तो वह राजा को खतरे के बारे में जरूर बताती।
उमा रघुवंशी ने दावा किया कि राजा उन लोगों को जानता तक नहीं था जिन पर हत्या में शामिल होने का आरोप है। ऐसे में सोनम का खुद को पूरी तरह निर्दोष बताना सही नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम ने ही पूरी साजिश रची और राजा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। राजा की मां ने कहा कि उन्हें न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
सोनम ने हलफनामे में खुद को बताया निर्दोष
इससे पहले सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में खुद को निर्दोष बताया था। सोनम ने कहा कि उसे इस मामले में झूठे आरोपों के आधार पर फंसाया गया है।
उसकी ओर से दलील दी गई कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अभियोजन पक्ष को अपने आरोपों को अदालत में ठोस सबूतों के साथ साबित करना होगा।
सोनम ने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों और न्यायालय की प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रही है। इसलिए उसकी जमानत रद्द करने का कोई आधार नहीं बनता है।
कोर्ट में अभियोजन ने रखी अपनी दलील
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और जांच की स्थिति को अदालत के सामने रखा। बताया गया कि अभी कई गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं और ट्रायल पूरा होने में समय लग सकता है।
मेघालय सरकार की ओर से दायर याचिका में सोनम को मिली जमानत का विरोध किया गया है। सरकार का पक्ष है कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए जमानत पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
क्या है राजा रघुवंशी हत्याकांड?
Raja Raghuvanshi मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी थे। उनकी हत्या का मामला तब सामने आया जब वह अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून के लिए मेघालय गए थे। इस दौरान राजा की मौत ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया और मामले में सोनम रघुवंशी की भूमिका को लेकर सवाल उठे। इसके बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया।
जमानत और आगे की कानूनी लड़ाई
सोनम को निचली अदालत से जमानत मिलने के बाद मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब शीर्ष अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
राजा रघुवंशी का परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि सोनम की ओर से कानूनी तौर पर खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
Raja Raghuvanshi हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। जहां सोनम रघुवंशी ने खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत बरकरार रखने की मांग की है, वहीं राजा की मां ने उसे पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया है। अब सभी की नजरें 14 जुलाई को आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।
