Raisen में 11 से 13 अप्रैल तक होगा राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव, तीन केंद्रीय मंत्री एक मंच पर
Raisen में 11 से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश के तीन बड़े केंद्रीय मंत्री एक ही मंच पर नजर आएंगे। यह आयोजन कृषि क्षेत्र में नई नीतियों, तकनीक और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस महोत्सव में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक साथ मंच साझा करेंगे। साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इस आयोजन में शामिल होंगे।
राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन, गडकरी करेंगे समापन
मिली जानकारी के अनुसार, इस तीन दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। वहीं समापन समारोह 13 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हाथों संपन्न होगा।
इस दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों, तकनीकी नवाचारों और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल स्थित अपने आवास पर पत्रकारों को इस महोत्सव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि देश की कृषि नीति को नई दिशा देने वाला गंभीर प्रयास है।
उन्होंने कहा कि भारत दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश होने के बावजूद अभी पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं है। इसलिए सरकार का फोकस अब दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर है, ताकि देश इन फसलों में आत्मनिर्भर बन सके।
कृषि आत्मनिर्भरता पर रहेगा विशेष फोकस
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि महोत्सव में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसान केवल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी आय में लगातार वृद्धि सुनिश्चित हो। इसके लिए नई योजनाओं और मॉडल पर काम किया जा रहा है।
किसानों की आय और ‘लखपति दीदी’ योजना
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब तक देश में लगभग तीन करोड़ ‘लखपति दीदी’ तैयार की जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर छह करोड़ तक पहुंचाने का है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी महिला की आय को केवल एक बार बढ़ा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाता है कि उनकी आय कम से कम छह महीने तक स्थिर बनी रहे, तभी उन्हें इस श्रेणी में शामिल किया जाता है।
फार्मर आईडी मॉडल और सब्सिडी व्यवस्था में सुधार
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देशभर में फार्मर आईडी आधारित प्रणाली लागू की जा रही है, जिसके तहत किसानों की जमीन, फसल और परिवार का डेटा एकीकृत किया जा रहा है।
अब तक करीब 9.29 करोड़ फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं, जबकि लक्ष्य 13 करोड़ का है। इस प्रणाली का उद्देश्य खाद और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश और हरियाणा में बटाईदार किसानों को भी खाद उपलब्ध कराने का मॉडल सफल रहा है, जिसे अब पूरे देश में लागू करने की योजना है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली विवाद पर प्रतिक्रिया
विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि जैसे गंभीर मुद्दों को राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े कार्यों के लिए कोई भी पहल स्वागत योग्य है, लेकिन बिना सूचना के अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर प्रदर्शन करना उचित नहीं है और यह राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है।
वैश्विक हालात और कृषि निर्यात पर असर
केंद्रीय मंत्री ने माना कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का प्रभाव कृषि निर्यात पर पड़ता है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उन पर वैश्विक संकट का प्रभाव न्यूनतम हो।
उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर की उपलब्धता और किसानों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छोटे जोत वाले किसानों की आय बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती है। भारत में औसत जोत लगभग 0.96 हेक्टेयर रह गई है।
इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल को बढ़ावा दे रही है, जिसमें किसान एक ही जमीन पर अनाज, सब्जी, पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियां एक साथ कर सकेंगे।
निष्कर्ष
रायसेन में होने वाला यह राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव देश की कृषि नीति और भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। तीन केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी इसे और भी विशेष बनाती है।
यह आयोजन किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आत्मनिर्भर बनाने और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
