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Raipur 3D Factory Blast: 3 मजदूरों की मौत के बाद सरकार सख्त, फैक्ट्री बंद कर जांच समिति गठित

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Published On: 8 July 2026
Raipur 3D Factory Blast: 3 मजदूरों की मौत के बाद सरकार सख्त, फैक्ट्री बंद कर जांच समिति गठित

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Raipur 3D Factory Blast: तीन मजदूरों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, सरकार ने गठित की जांच समिति

Raipur 3D Factory Blast : रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित 3D इनोवेशन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया है। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट्री को बंद कर दिया है और जांच के लिए समिति गठित कर दी है। सरकार ने मृतक मजदूरों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा भी की है।

विस्फोट इतना तेज था कि मजदूरों के शरीर के अंग करीब 200 मीटर तक दूर जा गिरे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम, श्रम विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

हादसे में जांजगीर-चांपा निवासी 17 वर्षीय अरुण पांडे, मध्यप्रदेश के डिंडौरी निवासी लाल सिंह और कमल सिंह (25) की मौत हुई। बताया गया कि लाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल कमल सिंह ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब टेपिंग यूनिट में ऑक्सीजन सिलेंडर बदला जा रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ और फैक्ट्री की बिजली भी चली गई। कुछ देर बाद जब बिजली बहाल हुई तो घटनास्थल का दृश्य भयावह था।

हादसे के बाद फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के जोखिम भरे कामों में लगाया जाता था और जरूरी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जाते थे।

कुछ मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक अरुण पांडे, जिसकी उम्र आधार कार्ड के अनुसार 17 वर्ष थी, से ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने जैसा खतरनाक काम कराया जा रहा था। अब पुलिस और श्रम विभाग इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं कि फैक्ट्री में बाल श्रम कानून और औद्योगिक सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।

मजदूरों ने बताया कि कई कर्मचारियों को नौकरी शुरू करने के बाद किसी तरह की सुरक्षा ट्रेनिंग नहीं दी गई और उन्हें सीधे फर्नेस सेक्शन में काम पर लगा दिया गया। सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री बंद करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

सरकार की ओर से गठित जांच समिति ब्लास्ट के कारण, सुरक्षा मानकों के पालन, ऑक्सीजन सिलेंडर की प्रक्रिया, कर्मचारियों की ट्रेनिंग, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और नाबालिग से काम कराए जाने जैसे सभी पहलुओं की जांच करेगी।

उरला के बेंद्री औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 3D इनोवेशन फैक्ट्री वर्ष 2005 से संचालित है। कंपनी औद्योगिक उत्पादों के निर्माण से जुड़ी हुई है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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