राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना: लद्दाख में हिंसा पर की न्यायिक जांच की मांग
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंसा और डर की राजनीति छोड़कर संवाद करना चाहिए।
राहुल गांधी ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बीते 24 सितंबर को लद्दाख में हुई हिंसा में कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक त्सावांग थारचिन की भी मौत हो गई। उन्होंने एक पूर्व सैनिक के मारे जाने का हवाला देते हुए कहा कि पीएम मोदी ने इस क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात किया है।
राहुल गांधी के मुख्य बिंदु
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राहुल ने सोशल मीडिया पर थारचिन के पिता का वीडियो साझा किया और लिखा:
“पिता फौजी, बेटा भी फौजी, जिनके खून में देशभक्ति बसी है। फिर भी बीजेपी सरकार ने देश के वीर बेटे की गोली मारकर जान ले ली, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह लद्दाख और अपने अधिकार के लिए खड़ा था। पिता की दर्द भरी आंखें बस एक सवाल कर रही हैं – क्या आज देशसेवा का यही सिला है?”
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उन्होंने कहा कि लद्दाख में हुई हिंसा की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से अपील की कि लद्दाख के लोगों के हक के लिए संवाद शुरू किया जाए और हिंसा तथा डर की राजनीति बंद की जाए।
लद्दाख में हिंसा की पृष्ठभूमि
24 सितंबर को लेह में एक स्थानीय संगठन, लेह एपेक्स बॉडी (LAB) द्वारा केंद्र के साथ बातचीत बंद करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिससे हिंसा भड़क गई।
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इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई।
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LAB संगठन राज्य का दर्जा और लद्दाख में छठी अनुसूची के विस्तार के लिए आंदोलन चला रहा था।
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हिंसा के कारण लेह में कर्फ्यू लगाया गया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
निष्कर्ष
राहुल गांधी का कहना है कि लद्दाख में हुई हिंसा सिर्फ स्थानीय लोगों के अधिकार और उनके अधिकारों की मांग की वजह से हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को बातचीत और संवाद के रास्ते अपनाने चाहिए, न कि हिंसा और डर की राजनीति।
