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“जब चीन हमारे सामने था, 56 इंच की छाती को क्या हुआ?”, Rahul Gandhi का सवाल

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Published On: 2 February 2026
"What Happened to the 56-inch Chest When China Was at Our Door?" Rahul Gandhi Questions
— "What Happened to the 56-inch Chest When China Was at Our Door?" Rahul Gandhi Questions

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Rahul Gandhi ने संसद के बाहर उठाया डोकलाम मुद्दा, भाजपा ने की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता Rahul Gandhi  ने हाल ही में संसद में डोकलाम विवाद का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर तीखा हमला बोला। राहुल ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा। उनका कहना था कि डोकलाम विवाद से संबंधित एक किताब में कुछ महत्वपूर्ण बातें लिखी गई हैं, जिन्हें जनता के सामने लाना बेहद जरूरी है। इस विवाद के बाद संसद में भारी हंगामा हुआ, और सदन को मंगलवार दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

Rahul Gandhi का आरोप

Rahul Gandhi ने मंगलवार को संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए यह आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चर्चा में उनकी बात को नजरअंदाज किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में कुछ अहम बातें लिखी हैं। उनका दावा था कि यह किताब पब्लिश होने से पहले ही लटक गई है और इससे सच्चाई सामने आने से सत्ता में बैठे लोग डरते हैं।

Rahul Gandhi ने सवाल उठाया, “जब चीन हमारे सामने खड़ा था, तब 56 इंच की छाती को क्या हुआ था?” उनका इशारा डोकलाम विवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर था। राहुल का कहना था कि यह किताब सेना के दृष्टिकोण को सामने लाती है और इसमें यह बताया गया है कि किस तरह राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को निराश किया और देश की सुरक्षा के मुद्दे पर सही तरीके से कदम नहीं उठाए।

उन्होंने कहा, “यह वही किताब है जो आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने लिखी है। इसमें प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह के बारे में कई बातें साफ तौर पर लिखी गई हैं, लेकिन यह किताब अभी तक पब्लिश नहीं हो पाई है। सवाल यह है कि वे लोग इस किताब से क्यों डरते हैं? अगर यह किताब सामने आई तो लोग जानेंगे कि क्या सच है और सेना के प्रति राजनीतिक नेतृत्व का रवैया क्या था।”

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

Rahul Gandhi के आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को राजनीति से प्रेरित और आधारहीन करार दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में राहुल के बयान का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जो बातें सदन में कहीं, वे पूरी तरह से झूठी हैं। अमित शाह ने यह भी कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद यह स्पष्ट किया है कि जो किताब अभी तक पब्लिश ही नहीं हुई है, उसे राहुल गांधी संसद में कैसे कोट कर सकते हैं।

भा.ज.पा. ने इस मामले में एक पुराना वीडियो भी साझा किया है, जिसमें पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे डोकलाम विवाद के दौरान भारत की भूमि की सुरक्षा की बात कर रहे हैं। इस वीडियो में जनरल नरवणे यह साफ करते हैं कि डोकलाम विवाद के दौरान भारत ने एक इंच भी अपनी भूमि नहीं गंवाई, और स्थिति पहले जैसी ही बनी रही।

डोकलाम विवाद: इतिहास और महत्व

डोकलाम विवाद 2017 में उस समय उभरा था, जब भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया था। डोकलाम एक ऐसा क्षेत्र है जो भूटान, भारत और चीन के सीमा त्रिकोण के पास स्थित है। विवाद तब शुरू हुआ था जब चीन ने इस क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया था, जो भारत और भूटान दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया। भारत ने इस पर विरोध जताया था और भारतीय सेना ने चीन के निर्माण कार्य को रोकने के लिए कदम उठाए थे।

भारत का कहना था कि इस इलाके में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य भूटान की संप्रभुता का उल्लंघन है और यह भारतीय सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। इसके बाद भारत और चीन के बीच कई हफ्तों तक तनावपूर्ण गतिरोध बना रहा। हालांकि, अंततः दोनों देशों ने आपसी सहमति से विवाद को शांत किया, लेकिन यह विवाद भारत-चीन रिश्तों में एक अहम मोड़ साबित हुआ।

Rahul Gandhi का सवाल: “56 इंच की छाती को क्या हुआ?”

Rahul Gandhi ने डोकलाम मुद्दे का जिक्र करते हुए यह सवाल उठाया, “जब चीन हमारे सामने खड़ा था और आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच की छाती का क्या हुआ था?” यह बयान सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन पर था, जिसमें उन्होंने अपनी “56 इंच की छाती” का जिक्र किया था, जो कि उनकी दृढ़ नायक छवि को दर्शाता है। राहुल गांधी ने इस बयान के माध्यम से यह सवाल उठाया कि जब चीन की सैन्य गतिविधियों का सामना करना पड़ा, तब प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कदम उठाए थे।

कांग्रेस की राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहस की मांग

कांग्रेस पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और संसद में विपक्षी नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक विस्तृत बहस की मांग करती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकार ने इस मुद्दे पर किस तरह की नीति अपनाई है और सेना के साथ कैसा व्यवहार किया गया।

निष्कर्ष

डोकलाम विवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी राजनीति जारी है। राहुल गांधी ने जो आरोप लगाए हैं, वे भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि, भाजपा ने राहुल के आरोपों को नकारा है और इसे राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश बताया है। डोकलाम विवाद को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग राय सामने आ रही है, लेकिन इस मुद्दे पर खुली बहस की आवश्यकता बनी हुई है, जो देश के सुरक्षा मुद्दों को लेकर नागरिकों को स्पष्ट जानकारी दे सके।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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