राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के सांसदों को हाई टी पर बुलाया, “वोट चोरी” और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन की अगली रणनीति पर होगा मंथन
सुप्रीम कोर्ट मार्च के बाद 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर बैठक, राहुल गांधी की याचिका में चुनाव आयोग और तीनों चुनाव आयुक्त पक्षकार, CJI ने नहीं की विपक्ष से अलग मुलाकात
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों को अपने आवास पर हाई टी के लिए आमंत्रित किया है। इस बैठक में कथित “वोट चोरी” के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद विपक्षी नेता विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं या संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी बात रख सकते हैं। हालांकि आगे के कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सुप्रीम कोर्ट मार्च के बाद अहम मानी जा रही बैठक
राहुल गांधी के आवास पर होने वाली यह बैठक सोमवार को हुए विपक्ष के मार्च के बाद अहम मानी जा रही है। सोमवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने कथित चुनावी अनियमितताओं और “वोट चोरी” के आरोपों को लेकर दिल्ली में मार्च निकाला। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताया और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई।
मार्च में विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, कार्यकर्ता और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भारी बैरिकेडिंग के बीच आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। इसके बाद विपक्ष के शीर्ष नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर याचिका दायर की। मध्यप्रदेश में मार्च से पहले मुरैना के कांग्रेस जिला अध्यक्षों को हिरासत में लिए जाने की खबर भी आई थी, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उमंग सिंघार सहित कई नेता दिल्ली पहुंच चुके थे।
मार्च में शामिल रहे ये दिग्गज नेता
राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, CPI नेता डी. राजा, CPI(M) नेता एम.ए. बेबी, RJD नेता तेजस्वी यादव और NCP-SCP की नेता सुप्रिया सुले समेत कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए और निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका, आयोग के तीनों अधिकारी पक्षकार
राहुल गांधी की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ, जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं के साथ बैठक के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि मामला अदालत में विचाराधीन है। CJI कार्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष जिन मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था, वे पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। सूत्रों के अनुसार विपक्षी नेताओं को यह भी बताया गया कि वे मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में याचिका दायर कर सकते हैं।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
विपक्ष के प्रस्तावित ज्ञापन में ये मांगें शामिल थीं:
- चुनाव में कथित वोट चोरी रोकने के लिए कार्रवाई
- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
- चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करना
राष्ट्रपति से भी मिल चुके हैं विपक्षी नेता
इससे पहले 9 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था। विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जता रहा है।
CJP के प्रदर्शन के बाद गरमाया माहौल
इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी पहले से तेज है। शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उस दौरान राहुल गांधी ने X पर लिखा था कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से जाएंगे और उनकी सरकार आएगी। वहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने राहुल गांधी और CJP पर देश में अस्थिरता पैदा करने की साजिश का आरोप लगाया था और विदेशी ताकतों की भूमिका की आशंका जताई थी, हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं रखा गया।
अब नजर बैठक के नतीजों पर
फिलहाल INDIA ब्लॉक की नजर राहुल गांधी के आवास पर होने वाली बैठक के नतीजों पर है। उम्मीद है कि इसके बाद “वोट चोरी” के मुद्दे पर विपक्ष के आंदोलन की दिशा और अगली रणनीति स्पष्ट होगी।
