Indore में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले पोस्टर विवाद, रूट बदलाव और 31 सुरक्षा शर्तों समेत कई चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया।
Indore में ‘छात्रों की गूंज’ से पहले कई चुनौतियां: ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर, 31 सुरक्षा शर्तें; राहुल गांधी ने छात्रों से किया संवाद
Indore। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कई राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रमों के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम से पहले शहर में ‘झूठ की गूंज’ शीर्षक वाले पोस्टर-होर्डिंग दिखाई दिए, वहीं आयोजन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा संबंधी 31 शर्तें तय की थीं। इन व्यवस्थाओं और बदलावों के बीच राहुल गांधी कार्यक्रम स्थल पहुंचे और छात्रों से संवाद किया।
कार्यक्रम से पहले शहर में ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर
राहुल गांधी के Indore दौरे से पहले शहर के विभिन्न हिस्सों में ‘झूठ की गूंज’ शीर्षक वाले पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए। कुछ पोस्टरों में QR कोड भी दिया गया था। कांग्रेस ने इस अभियान को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। कार्यक्रम से पहले पोस्टर-होर्डिंग को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले।
सुरक्षा के लिए रखी गईं 31 शर्तें
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पुलिस ने आयोजकों के सामने कुल 31 सुरक्षा शर्तें रखी थीं। इनमें कार्यक्रम में आने वाले प्रतिभागियों की जानकारी, प्रवेश-निकास व्यवस्था, वॉलंटियर्स की तैनाती, CCTV कैमरे, मेटल डिटेक्टर, बैरिकेडिंग, पार्किंग, मेडिकल सुविधा और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं। सुरक्षा निर्देशों में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1991 में हुई हत्या के बाद गठित जस्टिस जे.एस. वर्मा आयोग की रिपोर्ट का भी संदर्भ दिया गया था।
रिपोर्टों के मुताबिक आयोजकों से कम से कम 1,500 वॉलंटियर तैनात करने, करीब 40 CCTV कैमरों की व्यवस्था करने और कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराने जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया था। कांग्रेस नेताओं ने कुछ शर्तों पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस ने इन्हें सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्था बताया।
कार्यक्रम की तारीख और स्थान में भी हुआ था बदलाव
कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे 19 सितंबर के लिए निर्धारित किया गया। आयोजन स्थल को लेकर भी बदलाव हुआ और अंततः कार्यक्रम आईडीए ग्राउंड क्षेत्र में आयोजित किया गया।
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए गए थे। रिपोर्टों के अनुसार 13 मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई, जबकि कुछ अन्य मार्गों पर चारपहिया वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया गया।
छात्रों ने रखीं शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से सीधा संवाद किया। छात्रों ने नर्सिंग शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, MPPSC की तैयारी, उम्र सीमा और हॉस्टल व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर अपनी समस्याएं और सवाल रखे। कार्यक्रम स्थल के बाहर भी स्क्रीन के माध्यम से लोगों ने संवाद देखा।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में देश की व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार तथा अन्य संस्थाओं पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने छात्रों से सवाल पूछते रहने और अपने मुद्दे उठाने की बात कही। उनके इन बयानों को राजनीतिक आरोपों के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा शर्तों को लेकर सवाल उठाए थे। दूसरी ओर, भाजपा से जुड़े नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को आवश्यक बताते हुए कांग्रेस के आरोपों का विरोध किया। इन राजनीतिक मतभेदों के बीच ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित हुआ और राहुल गांधी ने युवाओं के साथ संवाद पूरा किया।
