जन्माष्टमी पर श्री राधा-कृष्ण की प्राण-प्रतिष्ठा, दोपहर 12 बजे होगी मूर्ति स्थापना
तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हो रहे अनुष्ठान
नागदा। प्रकाश नगर स्थित श्री सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण धर्मशाला परिसर में श्री राधा-कृष्ण मंदिर में तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ आयोजित किया जा रहा है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 4 सितंबर शुक्रवार को दोपहर 12 बजे श्री राधा-कृष्ण की नवीन प्रतिमाओं की विधि-विधान के साथ स्थापना की जाएगी। इस धार्मिक आयोजन में औदीच्य ब्राह्मण समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य यजमान पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक रामचंद्र त्रिवेदी, जितेंद्र त्रिवेदी एवं उनका परिवार है। पंडित चंद्रशेखर दवे के आचार्यत्व में धार्मिक अनुष्ठानों को विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जा रहा है।
पहले दिन हुआ मूर्तियों का जल में अवगाहन
तीन दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं का जल में अवगाहन कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधियों के बीच श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान में भाग लिया। प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व प्रतिमाओं को विभिन्न धार्मिक प्रक्रियाओं से गुजारा जा रहा है, ताकि अंतिम स्थापना विधि-विधान के अनुरूप संपन्न हो सके।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्राण-प्रतिष्ठा से पहले प्रतिमाओं का शुद्धिकरण और विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान किए जाते हैं। इसी परंपरा के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
दूसरे दिन गणेश पूजन और नवग्रह पूजन
समारोह के दूसरे दिन प्रतिमाओं को अन्न से आच्छादित कर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इस दौरान श्री गणेश पूजन, कुलदेवी पूजन, नवग्रह पूजन और अभिषेक सहित अनेक विधियां की गईं।
प्रतिमाओं का 21 प्रकार के सुगंधित द्रव्यों और दिव्य जल से स्नान-अभिषेक कराया गया। इसके साथ ही भगवान के शयन विधान की धार्मिक प्रक्रिया भी संपन्न हुई। पूरे आयोजन के दौरान धर्मशाला परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

आज हवन और महाआरती के बाद होगी स्थापना
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के तीसरे दिन प्रतिमाओं का विधिवत जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद पत्र-पुष्प, फल एवं मिष्ठान्न से प्रतिमाओं का आच्छादन और श्रृंगार किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठानों के पूर्ण होने के बाद हवन और महाआरती का आयोजन होगा।
जन्माष्टमी के सुमंगल अवसर पर शुक्रवार 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना की जाएगी। मूर्ति स्थापना के बाद उपस्थित समाजजनों और श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया जाएगा।
दो वर्ष पूर्व मंदिर का हुआ था जीर्णोद्धार
समाज के मीडिया प्रभारी निलेश मेहता ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व ट्रस्ट द्वारा धर्मशाला परिसर स्थित मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था। इस दौरान समाज के इष्टदेव श्री गोविंद माधव जी की नवीन प्रतिमा स्थापित की गई थी।
मंदिर परिसर में मां गायत्री, श्रीराम दरबार और शिव परिवार की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। यहां प्रतिदिन शाम को पुजारी द्वारा श्रद्धालुओं की मौजूदगी में आरती की जाती है। आरती की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मंदिर में स्वचालित आरती मशीन भी लगाई गई है।

तीन दशक से अधिक पुराना है धर्मशाला का इतिहास
श्री गोविंद माधव ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित धर्मशाला की स्थापना तीन दशक से अधिक समय पूर्व नगर के औदीच्य ब्राह्मण समाज द्वारा समाजजनों के सहयोग से की गई थी। समय के साथ विभिन्न पदाधिकारियों और अध्यक्षों के प्रयासों से धर्मशाला का विस्तार होता गया।
आज यह धर्मशाला तीन मंजिला भवन के रूप में समाज की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा कर रही है। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ यह परिसर समाज की एकजुटता का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
सामाजिक और मांगलिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र
श्री सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण धर्मशाला में समाज के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और मांगलिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। विवाह समारोह, सामाजिक बैठकें, धार्मिक अनुष्ठान, सामूहिक आयोजन और समाजहित से जुड़े अन्य कार्यक्रमों के लिए धर्मशाला का उपयोग किया जाता है।
लंबे समय से यह परिसर औदीच्य ब्राह्मण समाज की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में समाज के लोग बड़ी संख्या में सहभागिता करते हैं।

मध्यरात्रि में होगी विशेष आरती
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के तहत धर्मशाला परिसर में मध्यरात्रि 12 बजे समाज के इष्टदेव श्री गोविंद माधव जी की विशेष आरती भी की जाएगी। जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाली इस विशेष आरती में श्रद्धालु शामिल होंगे।
आरती के बाद भक्तों को पंजेरी प्रसाद वितरित किया जाएगा। जन्माष्टमी को लेकर धर्मशाला परिसर में विशेष धार्मिक तैयारियां की जा रही हैं।
समाजजनों से सपरिवार पहुंचने का आग्रह
श्री राधा-कृष्ण की प्राण-प्रतिष्ठा के इस पावन आयोजन में समाज अध्यक्ष डॉ. प्रदीप रावल, महिला मंडल अध्यक्ष सुमित्रा पंड्या, युवा अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित समस्त समाजजनों ने सभी विप्र बंधुओं से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है।
समाजजनों ने 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे प्रकाश नगर स्थित श्री सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण धर्मशाला परिसर पहुंचकर श्री राधा-कृष्ण की प्राण-प्रतिष्ठा के साक्षी बनने और धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है।
जन्माष्टमी के पावन पर्व पर होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ समाज की एकजुटता का भी प्रतीक बनेगा। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, महाआरती और प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम श्रद्धा और भक्तिभाव के वातावरण में संपन्न होगा।
