Radha Ashtami 2026: बरसाना में धूमधाम से मना राधा रानी जन्मोत्सव, लाखों श्रद्धालुओं ने किए लाडली जी के दर्शन
फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया श्रीजी मंदिर, ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंजा पूरा बरसाना धाम
मथुरा। राधा रानी की जन्मस्थली बरसाना में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को राधा अष्टमी का पर्व अपार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। प्रसिद्ध श्री लाडली जी मंदिर में राधा रानी के जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, श्रृंगार और आरती का आयोजन हुआ। राधा रानी के दर्शन करने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बरसाना पहुंचे। सुबह से लेकर देर शाम तक पूरा धाम ‘राधे-राधे’, ‘लाडली जी महारानी की जय’ और ‘राधा रानी की जय’ के जयकारों से गूंजता रहा।
राधा अष्टमी को लेकर बरसाना में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। मंदिर परिसर, सीढ़ियों, गलियों और प्रमुख मार्गों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया। राधा रानी के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु शुक्रवार रात से ही बरसाना पहुंचने लगे थे।
प्रातःकाल हुआ राधा रानी का महाभिषेक
राधा अष्टमी के अवसर पर श्री लाडली जी मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान प्रातःकाल से शुरू हो गए। मंदिर के सेवायतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राधा रानी का विशेष अभिषेक किया। इसके बाद लाडली जी को नवीन वस्त्र, आभूषण और फूलों से सजाकर विशेष श्रृंगार किया गया।
मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने राधा रानी के दर्शन किए। भक्त हाथों में फूल, प्रसाद और पूजा सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे। राधा रानी की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में प्रतीक्षा करनी पड़ी, लेकिन उत्साह और भक्ति में कोई कमी दिखाई नहीं दी।
भजन-कीर्तन और घंटे-घड़ियाल की ध्वनि के बीच मंदिर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने राधा रानी से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की प्रार्थना की।
‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंजा बरसाना
राधा अष्टमी के अवसर पर पूरा बरसाना धाम राधामय दिखाई दिया। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों, बाजारों और गलियों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भक्त टोलियों में भजन गाते और ‘राधे-राधे’ का जयकारा लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए।
बरसाना के स्थानीय निवासियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कई स्थानों पर सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से पेयजल, शरबत, प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए स्वयंसेवक भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहे।
बरसाना पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने श्री लाडली जी मंदिर के साथ कीर्ति मंदिर, मान मंदिर और ब्रज क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों के भी दर्शन किए।
राधा रानी के जन्मोत्सव का धार्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी तिथि पर राधा रानी का प्राकट्य हुआ था। इसलिए इस दिन को राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
राधा अष्टमी का ब्रज क्षेत्र में विशेष महत्व है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और आसपास के मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं और भजन-कीर्तन में भाग लेते हैं।
इस वर्ष राधा अष्टमी शनिवार, 19 सितंबर को मनाई गई। पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 3:37 बजे तक रही।
लाखों श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
राधा अष्टमी पर भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात की विशेष व्यवस्था की। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से आगे बढ़ाया गया।
दर्शन व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए श्रीजी गेट और पीली कोठी की ओर से प्रवेश तथा जयपुर मंदिर की तरफ से निकास की व्यवस्था की गई। भीड़ बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को रोकने के लिए होल्डिंग एरिया बनाए गए। विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मी, पीएसी के जवान और स्वयंसेवक तैनात रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। गर्मी, थकान या भीड़ के कारण अस्वस्थ होने वाले श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
वाहनों के प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध
भीड़ और जाम की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने 18 सितंबर रात 8 बजे से बरसाना में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। राधा अष्टमी के दिन बाइक और ई-रिक्शा को भी मंदिर क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं दी गई।
श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए बरसाना के बाहरी हिस्सों में लगभग 50 पार्किंग स्थल तैयार किए गए। पार्किंग से श्रद्धालुओं को शटल बसों और निर्धारित मार्गों के माध्यम से आगे भेजा गया। कई श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन से पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। संवेदनशील एवं अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी कंट्रोल रूम से की गई। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी भीड़ और यातायात की स्थिति पर नजर रखी गई।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपने बच्चों और बुजुर्ग परिजनों का विशेष ध्यान रखने, कीमती सामान सुरक्षित रखने और किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किए गए, जहां परिवार से बिछड़े लोगों को मिलाने की व्यवस्था की गई।
देर शाम तक जारी रहा दर्शन का सिलसिला
राधा अष्टमी पर सुबह शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद बरसाना की परिक्रमा भी की। शाम को आयोजित विशेष आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।
दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर का दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। जन्मोत्सव के दौरान मंदिर से प्रसाद वितरित किया गया। भक्त राधा रानी के जन्मोत्सव की खुशी में भजन गाते और नृत्य करते दिखाई दिए। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर पूरा बरसाना प्रेम, भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा रहा।
