मुरैना में पत्थर खदान के पानी भरे गड्ढे में डूबे दो किशोर, नहाने के दौरान हादसा
जौरा थाना क्षेत्र के मझरा गांव की घटना; साथ मौजूद तीसरे किशोर ने ग्रामीणों को दी सूचना, पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम पहुंची
मुरैना। जिले के जौरा थाना क्षेत्र के मझरा गांव में गुरुवार दोपहर पत्थर खदान के गड्ढे में भरे पानी में नहाने उतरे दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान मझरा निवासी विकास (15), पिता कैलाश आदिवासी, और सुनील (16), पिता राजेश आदिवासी, के रूप में हुई है। दोनों के साथ मौजूद तीसरे किशोर ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े।
नहाते समय गहरे पानी में चले गए
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीन किशोर पत्थर खदान के उस गड्ढे के पास गए थे, जिसमें पानी भरा हुआ था। विकास और सुनील नहाने के लिए पानी में उतरे। इसी दौरान वे गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। साथ मौजूद किशोर ने स्थिति देखी तो तुरंत गांव जाकर परिजनों और ग्रामीणों को बताया।
गड्ढे में पानी की गहराई कितनी थी और वहां किशोरों के पानी में उतरने से पहले क्या स्थिति थी, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि नहाने के दौरान दोनों गहरे पानी में फंस गए। घटना की सूचना मिलने के बाद उन्हें तलाशने का प्रयास शुरू किया गया।
पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
ग्रामीणों की सूचना पर जौरा थाना पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पानी से भरे गड्ढे में बचाव और तलाश की कार्रवाई की गई। खदान का गड्ढा होने के कारण घटनास्थल पर पानी के भीतर की स्थिति को समझना भी आवश्यक था।
बचाव दल के पहुंचने की खबर मिलते ही गांव के लोग मौके पर एकत्र हो गए। परिजन दोनों किशोरों के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार करते रहे। बाद में उनकी डूबने से मौत की खबर ने परिवारों और ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया। पुलिस घटना से संबंधित आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
पानी की सतह देखकर गहराई का अंदाजा मुश्किल
पत्थर खदान के गड्ढे सामान्य तालाबों से अलग हो सकते हैं। खुदाई के कारण इनमें कहीं पानी कम तो कुछ ही दूरी पर अचानक अधिक गहराई हो सकती है। बारिश के बाद पानी भर जाने पर नीचे की चट्टानें, ढलान और गहराई दिखाई नहीं देतीं। मझरा गांव का हादसा ऐसे स्थानों में नहाने के खतरे को फिर सामने लाता है।
हालांकि, इस खदान के गड्ढे की वास्तविक गहराई या किनारों की बनावट के बारे में जांच के बिना कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यह भी पता किया जाना जरूरी होगा कि घटनास्थल तक पहुंच रोकने या लोगों को पानी की गहराई से आगाह करने की कोई व्यवस्था मौजूद थी या नहीं। इन सवालों का जवाब संबंधित विभागों की पड़ताल से मिल सकेगा।
गांव में शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
विकास और सुनील की मौत से मझरा गांव में शोक का माहौल है। दोनों किशोर अपने परिवारों के साथ गांव में रहते थे। गुरुवार की दोपहर हुई इस घटना के बाद परिजनों को एक साथ दो बच्चों के खोने का दुख सहना पड़ा है। घटना की सूचना देने वाला तीसरा किशोर सुरक्षित है।
हादसे के बाद गांव के आसपास मौजूद पानी भरे खदान गड्ढों की सुरक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। ऐसे स्थानों की पहचान, उनकी गहराई के बारे में चेतावनी और वहां बच्चों की पहुंच रोकने के उपायों की स्थिति जांची जा सकती है। यदि आसपास अन्य खुले गड्ढे हैं, तो उनकी स्थिति का आकलन भी भविष्य में दुर्घटनाएं रोकने में मदद करेगा।
