आतंकवाद के खिलाफ बड़ी तैयारी: भारत के साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया, जानिए Quad देशों का पूरा प्लान
नई दिल्ली। भारत के खिलाफ आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने के लिए क्वाड (Quad) देशों – भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया – ने मिलकर नई रणनीति तैयार की है। आने वाले सितंबर महीने में आतंकवाद-रोधी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें आधुनिक तकनीक के गलत इस्तेमाल और सुरक्षा उपायों पर गहन चर्चा होगी। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) की सुरक्षा और समृद्धि के लिए Quad क्नई साझेदारियों की शुरुआत भी करेगा।
ड्रोन के दुरुपयोग पर NSG में तकनीकी चर्चा
23 और 24 सितंबर को एनएसजी मानेसर (NSG Manesar) में एक अहम तकनीकी बैठक होगी। इसमें ड्रोन के दुरुपयोग को रोकने, उसकी पहचान करने और वैश्विक स्तर पर सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) को साझा करने पर जोर दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों और विषय विशेषज्ञों के बीच अनुभव का आदान-प्रदान होगा, ताकि आतंकवादियों द्वारा ड्रोन के इस्तेमाल को रोकने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जा सकें।
नई तकनीकों से पैदा हो रहे खतरों पर NIA सेमिनार
26 सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) देशों Quad के साथ एक सेमिनार आयोजित करेगी। इसमें चर्चा होगी कि कैसे AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), ब्लॉकचेन, क्रिप्टोकरेंसी, डीपफेक तकनीक, मेटावर्स और एन्क्रिप्टेड चैट प्लेटफॉर्म जैसी नई तकनीकें आतंकवादियों के हाथों में खतरनाक हथियार बन सकती हैं।
इस कार्यक्रम का मकसद है—
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खुफिया जानकारी का साझा उपयोग
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सुरक्षा संस्थानों की क्षमता में वृद्धि
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अनुसंधान संगठनों को शामिल कर तकनीक आधारित सुरक्षा उपाय विकसित करना
भारत की मांग: आतंकवाद हो Quad की प्राथमिकता
भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि आतंकवाद को Quad के एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हाल ही में वाशिंगटन में हुई विदेश मंत्रियों की बैठक में 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई थी। भारत चाहता था कि इस हमले पर तुरंत कड़ी कार्रवाई हो, ताकि दोषियों और उनके मददगारों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जा सके।
अमेरिका की प्रतिबद्धता
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्वाड नेताओं की बैठक और रणनीतिक सहयोग को और मज़बूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उनका कहना है कि यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने का अहम आधार है।
‘Ports of the Future Partnership’ की शुरुआत
Quad अगले महीने एक और बड़ी पहल करने जा रहा है। ‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप’ (Ports of the Future Partnership) के तहत भारत मुंबई में एक बड़ा परिवहन और लॉजिस्टिक्स सम्मेलन आयोजित करेगा। इस पहल का लक्ष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना और Quad देशों की विशेषज्ञता को साझा करना है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, Quad देशों की ये पहल भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई, आधुनिक तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा—यही इस साझेदारी के मुख्य स्तंभ हैं।

