नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत दौरे के दौरान शुक्रवार को राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। राजघाट पर पुतिन ने फूलमाला चढ़ाई और आगंतुक पुस्तिका में लंबा संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने गांधीजी को महान दार्शनिक और मानवतावादी बताया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सिद्धांत और मूल्य आज भी वैश्विक स्तर पर सम्मानित हैं और रूस व भारत इनके जरिए सहयोग कर रहे हैं।
पुतिन ने अपने संदेश में गांधीजी के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने अपने समय में ही एक नए, अधिक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था का अंदाजा लगाया था, जिसे आज धीरे-धीरे दुनिया में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि गांधीजी ने एल. एन. टॉलस्टॉय को लिखे पत्रों में दुनिया के भविष्य, स्वतंत्रता और मानवता के बारे में विचार साझा किए थे। पुतिन ने बहुपक्षीयता (मल्टीपोलैरिटी) और वैश्विक शांति पर जोर देते हुए कहा कि गांधीजी की अहिंसा और शांति की विरासत आज भी महत्वपूर्ण है।

राजघाट की विजिटर्स बुक में संदेश देने के बाद, पुतिन नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया और कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि भारत न्यूट्रल नहीं है और यूक्रेन युद्ध में शांति का पक्षधर है। उन्होंने पुतिन की दूरदर्शिता की तारीफ की और शांति स्थापित करने के महत्व पर जोर दिया।
पुतिन का यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है।

उनके राजघाट दौरे और गांधीजी के संदेश के माध्यम से विश्व समुदाय को यह संकेत दिया गया कि भारत और रूस दोनों लोकतांत्रिक मूल्यों और न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था के पक्षधर हैं।
