पुण्य सम्राट जयंत सेन सुरिश्वर जी पुण्य तिथि पर महिदपुर रोड में बहु परिषद द्वारा भव्य अष्टप्रकारी पूजन, भक्ति संगीत और धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुआ।
पुण्य सम्राट जयंत सेन सुरिश्वर जी पुण्य तिथि पर महिदपुर रोड में भव्य पूजन आयोजन
आयोजन का विस्तृत विवरण
अखिल भारतीय राजेंद्र जैन बहू परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम श्री सुविधिनाथ जैन मंदिर में अत्यंत भव्य रूप से संपन्न हुआ।पुण्य सम्राट जयंत सेन सुरिश्वर जी पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित इस पूजन में समाज की महिलाओं ने एकजुट होकर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।पूजन की शुरुआत विधि-विधान के साथ की गई, जिसमें सभी ने मिलकर मंत्रोच्चार और पूजन क्रियाओं में भाग लिया।
अष्टप्रकारी पूजन और उसकी विशेषताएं
इस अवसर पर अष्टप्रकारी पूजन किया गया, जिसमें आठ प्रकार की पूजन सामग्रियों का उपयोग कर भगवान की आराधना की जाती है।पूजन के दौरान:
- सुमधुर भक्ति गीत प्रस्तुत किए गए
- महिलाओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया
- पूरे दो घंटे तक भक्ति का माहौल बना रहा
यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी अत्यंत प्रभावशाली रहा।
भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम
पूजन के दौरान उपस्थित सभी महिलाओं ने भक्ति गीतों पर झूमते हुए गुरुदेव के सद्कार्यों को स्मरण किया।पुण्य सम्राट जयंत सेन सुरिश्वर जी पुण्य तिथि के अवसर पर यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और समाज की एकता का सुंदर उदाहरण बना।
लाभार्थी परिवार
इस पुण्य आयोजन का लाभ अशोक कुमार हिमांशु कोचर परिवार द्वारा लिया गया।उन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और धार्मिक कार्य में अपनी सहभागिता निभाई।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
अखिल भारतीय राजेंद्र जैन बहू परिषद की सभी महिलाओं ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया।उनकी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी अधिक भव्य और सफल बना दिया।सभी ने मिलकर धर्म लाभ अर्जित किया और सामूहिक भक्ति का अनुभव किया।
आध्यात्मिक महत्व
पुण्य सम्राट जयंत सेन सुरिश्वर जी पुण्य तिथि केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला अवसर है।ऐसे आयोजनों से:
- समाज में धार्मिक जागरूकता बढ़ती है
- नई पीढ़ी को संस्कार मिलते हैं
- सामूहिक एकता मजबूत होती है
निष्कर्ष
महिदपुर रोड में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम पुण्य सम्राट जयंत सेन सुरिश्वर जी पुण्य तिथि पर श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण बना।अखिल भारतीय राजेंद्र जैन बहू परिषद द्वारा आयोजित इस अष्टप्रकारी पूजन ने सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और संतोष प्रदान किया।
