Punjab Bandh Today: बंदी सिंहों की रिहाई की मांग पर 7 घंटे पंजाब बंद, स्कूल-बाजार और यातायात पर असर
कौमी इंसाफ मोर्चा ने सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक बुलाया बंद, आवश्यक सेवाओं को रखा गया बाहर
चंडीगढ़। पंजाब में शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर सात घंटे का बंद रखा गया है। यह बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक है। मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों, जिन्हें ‘बंदी सिंह’ कहा जाता है, की रिहाई की मांग कर रहा है। बंद का असर बाजारों, स्कूल-कॉलेजों, सड़कों और सार्वजनिक परिवहन पर देखने को मिल रहा है।
मोर्चा ने लोगों और व्यापारिक संगठनों से बंद का समर्थन करने की अपील की है। कई संगठनों और निजी बस ऑपरेटरों ने भी बंद का समर्थन किया है। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है।
क्यों बुलाया गया पंजाब बंद?
कौमी इंसाफ मोर्चा की मुख्य मांग लंबे समय से जेलों में बंद कुछ सिख कैदियों की रिहाई है। मोर्चा का दावा है कि इनमें कई ऐसे कैदी शामिल हैं, जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं या लंबे समय से जेल में बंद हैं। इसी मुद्दे को लेकर संगठन ने पंजाब भर में बंद का आह्वान किया है।
मोर्चा लंबे समय से मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर भी आंदोलन करता रहा है। बंद के जरिए सरकार पर इस मुद्दे पर ठोस फैसला लेने का दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
क्या-क्या रहेगा बंद?
बंद के दौरान कई बाजारों, दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बंद रहने की संभावना जताई गई है। निजी स्कूलों ने छुट्टी की घोषणा की है, जबकि कुछ शैक्षणिक संस्थानों ने कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं। पंजाब विश्वविद्यालय की कुछ परीक्षाओं को भी पुनर्निर्धारित किया गया है।
बसों, टैक्सियों और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारी सड़कों और राजमार्गों पर धरना दे सकते हैं, जिससे वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
आवश्यक सेवाएं रहेंगी जारी
बंद के दौरान अस्पताल, एम्बुलेंस, मेडिकल सेवाएं, दवा दुकानें, पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपात सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को न रोका जाए।
हालांकि रोजमर्रा की कुछ सेवाएं स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
स्कूल और कॉलेजों पर असर
पंजाब के कई निजी स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी घोषित की गई है। बंद के चलते विद्यार्थियों की सुरक्षा और परिवहन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए स्कूल संगठनों ने यह फैसला लिया। कुछ संस्थानों ने ऑफलाइन कक्षाओं के बजाय ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी अपनाया है।
परीक्षाओं को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। इसलिए छात्रों को अपने स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय से जारी आधिकारिक सूचना जरूर जांचनी चाहिए।
सड़कों और रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन की आशंका
कौमी इंसाफ मोर्चा ने प्रमुख हाईवे और कुछ रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसके कारण सड़क और रेल यातायात में देरी की आशंका बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन और बस की स्थिति की पुष्टि कर लें।
राज्य के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कुछ मुख्य सड़कों पर यातायात सामान्य दिनों की तुलना में कम रहा है।
घर से निकलने से पहले चेक करें ट्रैफिक
बंद के दौरान अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, मोहाली और अन्य प्रमुख शहरों में यातायात प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से प्रमुख हाईवे और प्रदर्शन स्थलों के आसपास जाम या रूट डायवर्जन की स्थिति बन सकती है।
यदि बहुत जरूरी काम न हो तो बंद की अवधि के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर है। जरूरी यात्रा करने वालों को स्थानीय पुलिस के ट्रैफिक अपडेट, रेलवे की ट्रेन स्थिति और बस सेवाओं की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए।
दोपहर 2 बजे के बाद सामान्य होने की उम्मीद
कौमी इंसाफ मोर्चा ने बंद की अवधि सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक तय की है। इसके बाद बाजार और परिवहन सेवाओं के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है, हालांकि प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन राज्यभर में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
