प्रियंका गांधी ने भागलपुर रैली में NDA पर निशाना साधा, ‘झूठे वादों’ और ‘महिला सुरक्षा’ को बनाया मुद्दा
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) का राजनीतिक महासमर गर्माया हुआ है। पहले चरण का मतदान समाप्त होने के बाद अब दूसरे चरण की जंग की तैयारियाँ जोरों पर हैं। इसी कड़ी में, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को भागलपुर और कटिहार में ऐतिहासिक चुनावी रैलियों को संबोधित किया। अपने तीखे और मुखर अंदाज में, प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी और NDA सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘झूठे वादे’ करने, महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए एक बड़ा राजनीतिक हमला बोला।
“10,000 रुपये रिश्वत हैं, वोट न दें”: प्रियंका गांधी का बिहार की जनता से आह्वान
भागलपुर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने केंद्र और राज्य की NDA सरकारों पर महिलाओं के प्रति खोखले वादों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी सोचते हैं कि वे झूठे वादे करके और आपको 10,000 रुपये देकर आपका वोट हासिल कर सकते हैं। लेकिन मैं आपसे कहना चाहती हूं कि पिछले 20 सालों से बिहार में उन्हीं की सरकार है, और उन्होंने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। वे आपको सुरक्षा भी नहीं दे पाए।”
उन्होंने आगे तीखा प्रहार करते हुए कहा, “बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध पहले से तीन गुना बढ़ गए हैं। ऐसे में, वे आपको 10,000 रुपये की रिश्वत देने की कोशिश कर रहे हैं। मेरी बिहार की बहनों से अपील है कि पैसे ले लो, लेकिन उन्हें अपना वोट मत देना। आपका वोट आपके भविष्य, आपके बच्चों की शिक्षा और आपकी सुरक्षा के लिए है।”
प्रियंका गांधी के इस बयान ने बिहार चुनाव में महिला सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर से केंद्र में ला दिया है। उन्होंने NDA सरकार पर महिला सशक्तिकरण के नाम पर सिर्फ दिखावा करने का आरोप लगाया।
“लोग बदलाव चाहते हैं”: कटिहार रैली में प्रियंका गांधी ने जताया भरोसा
भागलपुर से पहले, प्रियंका गांधी ने कटिहार के कदवा इलाके में भी एक जनसभा को संबोधित किया। यहाँ उन्होंने जनता के उत्साह और बढ़ते मतदान百分比 को ‘परिवर्तन की इच्छा’ का संकेत बताया। उन्होंने कहा, “मैं सभी मीटिंग्स में यह देख रही हूं कि लोग बदलाव चाहते हैं। मैं कम बोल रही हूं, जनता ज्यादा बोल रही है। लोग थक गए हैं और परेशान हो गए हैं। ध्यान भटकाने की कोई भी चीज अब काम नहीं कर रही है। लोग सभी पार्टियों से अपने भविष्य और तरक्की के बारे में सीधे बात करने के लिए कह रहे हैं।”
उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक NDA के खिलाफ माहौल और मतदाताओं में असंतोष की निशानी के रूप में देख रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2024 में ‘परिवर्तन’ एक प्रमुख नारा बनता दिख रहा है।
“पीएम मोदी वोट चोर हैं, चुनाव आयोग के अधिकारी साथ दे रहे”: गंभीर आरोप
कटिहार रैली के दौरान प्रियंका गांधी ने एक और बड़ा और विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘वोट चोर’ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी वोट चोर हैं और उनके साथ तीन और लोग हैं – ज्ञानेश कुमार, विवेक जोशी और एस.एस. संधू। ये सभी चुनाव आयोग के ऊंचे अधिकारी हैं, जो देश के संविधान और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।”
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, “मैं आपसे कहती हूं कि इन नामों को याद रखें। ये वो लोग हैं जो हमारे संविधान और लोकतंत्र के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।” चुनाव आयोग पर इस तरह का सीधा हमला एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर सकता है और बिहार चुनाव में गरमा का माहौल और गहरा सकता है।
“पीएम मोदी का स्तर गिरा, भरोसा खोया”: प्रियंका गांधी का आखिरी दमखम
अपने भाषणों के दौरान, प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की बयानबाजी पर भी कड़ी चोट की। उन्होंने कहा, “देश के प्रधानमंत्री होकर मोदी कट्टा, गोली, फिरौती, रंगदारी जैसी बातें करते हैं। उनका स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि वे अपने पद की गरिमा भी नहीं रख पा रहे।”
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी अब जनता के बीच अपना भरोसा खो चुके हैं। “देश उनकी झूठ और नफरत की राजनीति को अब अच्छी तरह पहचान चुका है। लोग अब सच्चाई देख रहे हैं और इस बार उनका जवाब अपने वोट से देंगे।”
निष्कर्ष: बिहार चुनाव में गहराता राजनीतिक संघर्ष
प्रियंका गांधी की बिहार रैली ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस और महागठबंधन इस चुनाव को NDA सरकार के सामने के ‘जनमत संग्रह’ के रूप में पेश करने पर तुला है। महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, और विकास के खोखले वादों जैसे मुद्दों को उछालकर वे बिहार की जनता, खासकर महिला मतदाताओं, को लुभाने की कोशिश कर रही हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी और चुनाव आयोग पर लगाए गए गंभीर आरोप राजनीतिक डेबेट को एक नए मोड़ पर ले जाते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण अब न सिर्छ जातिगत समीकरणों, बल्कि इन गंभीर आरोप-प्रत्यारोपों और मुद्दा-आधारित बहस के इर्द-गिर्द केंद्रित होगा। जनता के बीच ‘बदलाव’ की इच्छा कितनी प्रबल है, इसका जवाब 10 नवंबर को मतदान के बाद ही मिल पाएगा, लेकिन इतना तय है कि प्रियंका गांधी ने इस चुनावी रण में एक जोरदार पैंतरा चल दिया है।

