✍️ अर्चना जैन, इंदौर | गुमास्ता नगर महिला परिषद इंदौर
72 दिवसीय श्री राजेन्द्रसुरि तप आराधना में समाज का गौरव बढ़ाने वाली तपस्विनी को अनंत-अनंत अभिनंदन
शब्दों से करती है तप अभिनंदन,
आपका बारम्बार अनुमोदन…
श्रीमती प्रेमाबहन मांगीलालजी गांधी मुथा
(अध्यक्ष, अखिल भारत श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद)
युद्ध भूमि में योद्धा तपे, सूर्य तपे आकाश
तपस्वी साधक अंतर में तपे, करें कर्मों का नाश।
राजेन्द्र गुरु की कृपा पायी,
पुण्य सम्राट की लीला लहर हो गयी,
नित्य सेन और जयरत्न गुरुवर की मेहर हो गयी।
बेंगलुरु में चातुर्मास आरंभ से पुण्य सम्राट राष्ट्र संत विजय जयंन्त सेन सूरीश्वर जी मसा को समर्पित श्री राजेन्द्रसुरी महातप (अठाई के पारणे, अठाई ऐसेआठ, अटठाई) की तपस्या कर श्रद्धा और भक्ति के साथ कर्म निर्जरा का अद्भुत प्रयास किया गया।
इससे पूर्व भी आपने तप की अनेक विधाओं से तन-मन को तपाकर आत्मा को कुंदन बनाया है।
तप की श्रृंखला
-
51 उपवास
-
501 आंइम्बिल
-
मासक्षमण
-
11 उपवास
-
अटठाई
-
श्रैणि तप
-
उपधान तप
-
वर्षीतप
-
नवकार आराधना आदि
साल 2012 के चातुर्मास में उपधान तप का लाभ भी आपके परिवार ने लिया था।
संस्कारों की धरोहर, तप की गौरवगाथा
पिता श्री हस्तीमल जी और माता श्रीदेवीजी के आशीर्वाद से संस्कारों का ताज पाया। आपकी कठिन तपस्या से आज संघ-समाज गौरवान्वित है।
आपका तप—
🌞 सूर्य का तपता प्रकाश,
🌙 चंद्रमा का शीतल उजास,
🔥 अनाहार अंतराय का भस्म,
🌊 आत्मशक्ति की गंगा से आत्मप्रदेश का पवित्र होना।
तपस्विनी का प्रतीक
-
कल्पतरु की छाँव, जहाँ प्रेम से मांगी हर दुआ पूर्ण होती है।
-
चंदन वृक्ष, जिसकी तप रूपी खुशबू दूर-दूर तक फैलती है।
-
आकाशदीप, जो जिनशासन का मार्ग आलोकित करता है।
-
धवल हिमालय, जिसमें तप की ऊष्मा और शांति का अद्भुत संगम है।
आपकी साधना—
🌸 कमल पुष्प की निर्मलता,
⚔️ वीर हृदय की दृढ़ता,
☁️ गगन की अनंतता से ओत-प्रोत है।
समाज का अभिनंदन
आपका तप—
🔹 वज्र की अडिगता,
🔹 गंगा की पवित्रता,
🔹 चंद्रमा की शीतलता,
🔹 सूर्य की ऊष्मा,
🔹 हिमालय की महानता—
सबको एक साथ समेटे हुए है।
आज समाज का हर जन, आपकी तपस्या को नमन करते हुए कहता है—
धन्य है वह परिवार जिसे यह गौरव प्राप्त हुआ, और धन्य है यह समाज, जो आपकी तपस्या का साक्षी बना।
👉 तपस्विनी बहन को अनंत-अनंत अभिनंदन एवं वंदन।
