दशहरे पर पड़ाना में 31 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन
दशहरा मैदान में दिन-रात जुटे हैं कारीगर
पड़ाना । विजयादशमी के पर्व को लेकर ग्राम पढ़ाना में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। दशहरा मैदान में रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। बुराई और अहंकार के प्रतीक रावण के पुतले को भव्य रूप देने के लिए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इस बार रावण के पुतले की ऊंचाई 31 फीट रखी गई है।
पुतला निर्माण में लगे कारीगर बांस, कागज और अन्य सामग्री की मदद से पुतले को आकार दे रहे हैं। उसे आकर्षक रूप देने के लिए चमकीले कागजों और रंगों का विशेष इस्तेमाल किया जा रहा है। दशहरे के दिन इसी पुतले का दहन किया जाएगा। पुतले के निर्माण का काम दशहरा मैदान में जारी है और त्योहार को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है।
कई वर्षों से पुतला बना रहे हैं कैलाश पुष्पद
पुतला बनाने वाले मुख्य कारीगर कैलाश पुष्पद ने बताया कि वे कई वर्षों से रावण का पुतला बनाने का काम कर रहे हैं। हर साल पुतले को तैयार करने के लिए वे अपने अनुभव और कौशल का इस्तेमाल करते हैं। इस बार 31 फीट ऊंचे पुतले को आकर्षक बनाने के लिए विशेष चमकीले कागज और रंगों का उपयोग किया जा रहा है।
कारीगरों के लिए पुतला बनाने का काम कई चरणों में पूरा होता है। पुतले का ढांचा तैयार करने के बाद उस पर कागज और रंगों से सजावट की जाती है। इस दौरान उसकी बनावट और रूप-सज्जा पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि विजयादशमी पर मैदान में आने वाले लोग इसे देख सकें। निर्माण कार्य में जुटे कारीगर त्योहार से पहले पुतले को पूरा करने की तैयारी में लगे हैं।
आयोजन समिति के पदाधिकारी रहे उपस्थित
पुतला निर्माण कार्य के दौरान आयोजन से जुड़े पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे। इस अवसर पर अध्यक्ष दिनेश परमार, उपाध्यक्ष महेश जाटव, कोषाध्यक्ष सतीश गोस्वामी महाराज, सचिन, प्रदीप पुष्पद, महामंत्री अनिल पुष्पद और कैलाश पुष्पद उपस्थित थे।
विजयादशमी पर रावण दहन की परंपरा बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है। पढ़ाना में इस वर्ष 31 फीट का पुतला तैयार किया जा रहा है। पुतले को भव्य रूप देने के लिए कारीगरों का काम जारी है। दशहरे के आयोजन को लेकर ग्राम में तैयारियां चल रही हैं और लोगों को पर्व का इंतजार है।
