गणेश उत्सव की तैयारियां तेज, सिलवानी में गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार
Silwani संवाददाता वैभव जैन मस्ताना। विघ्नहर्ता, रिद्धि-सिद्धि के दाता और गौरी पुत्र भगवान श्री गणेश के आगमन को लेकर सिलवानी नगर में उत्साह का माहौल है। गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और नगर के मूर्ति कलाकार भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
कलाकार प्रतिमाओं की सजावट, रंग-रोगन और आकर्षक रूप देने के काम में व्यस्त हैं। इस बार श्रद्धालुओं को भगवान श्री गणेश की अलग-अलग और नए स्वरूपों में प्रतिमाएं देखने को मिल सकती हैं।
गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार
भगवान गणेश की स्थापना को लेकर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां तेज हो गई हैं। मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने में लगे हुए हैं। प्रतिमाओं के आकार, स्वरूप और सजावट को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सिलवानी के स्थानीय कलाकारों के यहां गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। श्रद्धालु भी अपनी पसंद की प्रतिमाओं के लिए कलाकारों से संपर्क कर रहे हैं।
50 से 60 स्थानों पर स्थापना की तैयारी
सिलवानी नगर में इस बार करीब 50 से 60 स्थानों पर भगवान श्री गणेश की स्थापना किए जाने की तैयारी बताई जा रही है। विभिन्न गणेश उत्सव समितियों ने आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
समितियों द्वारा स्थापना स्थल की सजावट, पंडाल और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।

बच्चों में भी दिखाई दे रहा उत्साह
भगवान श्री गणेश के आगमन को लेकर बड़े-बुजुर्गों में जहां आस्था और श्रद्धा का भाव है, वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चे गणेश प्रतिमाओं के आगमन और स्थापना का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
परिवारों में भी गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। लोग अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की स्थापना की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार भी मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं की मांग अधिक रहने की बात सामने आ रही है। मिट्टी की प्रतिमा बनाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और आज की पीढ़ी भी इसे श्रद्धा और उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मिट्टी की प्रतिमाएं धार्मिक परंपरा से जुड़ी होने के साथ पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर विकल्प मानी जाती हैं। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इन प्रतिमाओं को लेकर विशेष रुचि दिखाई देती है।
नई पीढ़ी भी निभा रही परंपरा
गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों को परंपरा और संस्कारों से जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है। बच्चे और युवा भी उत्साह के साथ आयोजन की तैयारियों में भाग ले रहे हैं।
सिलवानी में भगवान श्री गणेश के स्वागत को लेकर माहौल धीरे-धीरे भक्तिमय होता जा रहा है। मूर्तिकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं गणेश उत्सव समितियां स्थापना और आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी हैं।
