Prem Kumar बने ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के ग्लोबल कार्यकारी अध्यक्ष
पत्रकारिता और सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के चलते मिली नई जिम्मेदारी
**पटना।** वरिष्ठ पत्रकार एवं संस्कृतिकर्मी Prem Kumar को ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ का ग्लोबल कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। संगठन के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। प्रेम कुमार के मनोनयन की जानकारी सामने आने के बाद पत्रकारिता, कला, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
प्रेम कुमार लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ-साथ कला और सांस्कृतिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। उनके अनुभव और सक्रिय भागीदारी को देखते हुए संगठन ने उन्हें कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी है। उनके मनोनयन से संगठन की सांस्कृतिक गतिविधियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में नए प्रयासों की उम्मीद जताई जा रही है।
कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों को मिलेगा मंच
प्रेम कुमार के नए दायित्व को लेकर कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों का कहना है कि उनके अनुभव और सक्रियता का लाभ कलाकारों, साहित्यकारों, संगीतकारों, रंगकर्मियों और विभिन्न रचनात्मक विधाओं से जुड़ी प्रतिभाओं को मिल सकता है। संगठन के माध्यम से कला और संस्कृति के क्षेत्र में काम करने वाली प्रतिभाओं को पहचान दिलाने तथा उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने की दिशा में गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
कला एवं संस्कृति को समाज को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए प्रेम कुमार ने कहा कि लोक कला, साहित्य, संगीत, रंगमंच और अन्य सांस्कृतिक विधाओं को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उनका प्रयास रहेगा कि देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले कायस्थ समाज की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को भी एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाए।
ग्लोबल अध्यक्ष और प्रबंध न्यासी के प्रति जताया आभार
अपने मनोनयन पर प्रेम कुमार ने ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संगठन की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।
प्रेम कुमार ने कहा कि वह इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ करेंगे। उनके अनुसार, नई जिम्मेदारी के तहत कला और संस्कृति से संबंधित गतिविधियों को अधिक व्यापक स्वरूप देने के साथ प्रतिभाओं को आगे लाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर जोर
प्रेम कुमार ने कहा कि देश और विदेश में रहने वाले कायस्थ समाज के बीच कला एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें उचित अवसर और मंच प्रदान किया जाए। इसी दिशा में संगठन के स्तर पर विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी महत्वपूर्ण उद्देश्य रहेगा। लोक परंपराओं, साहित्य, संगीत, रंगमंच और अन्य सांस्कृतिक विधाओं के माध्यम से युवाओं को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराने की दिशा में पहल की जाएगी।
सामूहिक सहयोग से आगे बढ़ेगा सांस्कृतिक अभियान
नवनियुक्त ग्लोबल कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी संगठन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक सहयोग आवश्यक होता है। उन्होंने ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के पदाधिकारियों, सदस्यों, कलाकारों, संस्कृतिकर्मियों, पत्रकारों और शुभचिंतकों से सहयोग की अपेक्षा जताई।
उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में रचनात्मक गतिविधियों को नई गति दी जा सकती है। उनका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय प्रतिभाओं को एक मंच पर लाना और उनके कार्यों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास करना रहेगा।
प्रेम कुमार के मनोनयन को संगठन की सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पत्रकारिता और संस्कृति के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव के आधार पर संगठन को उम्मीद है कि कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ की गतिविधियों को नई दिशा और व्यापक मंच मिलेगा।
