प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 5 लोगों की मौत; कई घायल
एयरफोर्स स्टेशन के पास धमाके से फैक्ट्री जमींदोज, आसपास के मकानों को भी भारी नुकसान; राहत-बचाव अभियान जारी, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
प्रयागराज/कौशांबी। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और कौशांबी जिले की सीमा पर सोमवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट की घटना सामने आई। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे में दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि करीब 15 लोग झुलसने और घायल होने की बात सामने आई है। विस्फोट इतना तेज था कि पटाखा फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई और आसपास स्थित कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
घटना प्रयागराज एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में बताई जा रही है। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई घायलों को स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास किया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया।
घटनास्थल पर मलबा अधिक होने के कारण राहत कार्य में विशेष सावधानी बरती जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश करने और घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की है।
धमाके के बाद जमींदोज हुई पटाखा फैक्ट्री
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार विस्फोट की तीव्रता काफी अधिक थी। धमाके के बाद फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा ढह गया और परिसर मलबे में तब्दील हो गया। फैक्ट्री के अंदर विस्फोटक सामग्री और पटाखों की मौजूदगी के कारण घटना के बाद भी क्षेत्र में खतरे की आशंका बनी रही।
राहत-बचाव दलों ने घटनास्थल को सुरक्षित करने के साथ मलबा हटाने का काम शुरू किया। यह भी जांचा जा रहा है कि मलबे के नीचे कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं दबा है।
हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही नियंत्रित की, ताकि राहत कार्य प्रभावित न हो और किसी दूसरे हादसे की आशंका को कम किया जा सके।
दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत की सूचना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में पांच लोगों की जान चली गई है। मृतकों में दो बच्चे भी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 15 लोगों के झुलसने या घायल होने की सूचना है।
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में रेफर किए जाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने राहत कार्य में मदद की। घटनास्थल से सामने आई जानकारी के मुताबिक कुछ स्थानीय लोग घायलों को चारपाई सहित उठाकर सुरक्षित स्थान की ओर ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद एम्बुलेंस और अन्य उपलब्ध वाहनों के जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
तेज धमाके से आसपास के मकानों को नुकसान
विस्फोट का प्रभाव केवल फैक्ट्री परिसर तक सीमित नहीं रहा। धमाके की तीव्रता के कारण आसपास बने कई मकान भी प्रभावित हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक फैक्ट्री के करीब स्थित कई घरों को नुकसान पहुंचा है और कुछ मकानों के हिस्से गिर गए।
घटना के बाद प्रशासन की टीमें आसपास के मकानों की स्थिति का भी आकलन कर रही हैं। जिन भवनों को विस्फोट से नुकसान पहुंचा है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
क्षतिग्रस्त मकानों में किसी व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत दल आसपास के क्षेत्र में भी तलाशी अभियान चला रहे हैं।
धमाके से इलाके में मची अफरा-तफरी
अचानक हुए तेज विस्फोट से आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। धमाके की आवाज सुनते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही समय में घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए।
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के आवासीय क्षेत्र तक विस्फोट का असर पहुंचा।
घायलों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर मदद की। बाद में पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने घटनास्थल को अपने नियंत्रण में लेकर व्यवस्थित तरीके से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत-बचाव कार्य के लिए आवश्यक संसाधनों को घटनास्थल पर बुलाया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन के सामने इस समय दो बड़ी प्राथमिकताएं हैं—पहली, मलबे में किसी व्यक्ति के फंसे होने की स्थिति में उसे जल्द बाहर निकालना और दूसरी, घटनास्थल पर मौजूद विस्फोटक सामग्री से किसी दूसरे विस्फोट की आशंका को रोकना।
इसी कारण घटनास्थल पर लोगों को अनावश्यक रूप से न जाने की सलाह दी जा रही है।
फैक्ट्री में विस्फोट कैसे हुआ, जांच के बाद होगा स्पष्ट
पटाखा फैक्ट्री में इतना बड़ा विस्फोट किस वजह से हुआ, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाएंगी।
यह भी जांच का विषय होगा कि फैक्ट्री के पास आवश्यक अनुमति और लाइसेंस थे या नहीं तथा वहां विस्फोटक सामग्री के भंडारण और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
फैक्ट्री में घटना के समय कितने लोग मौजूद थे, इसका भी सत्यापन किया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सभी कर्मचारियों और वहां मौजूद अन्य लोगों का पता लगाया जा चुका है या किसी की तलाश अभी बाकी है।
सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की भी हो सकती है जांच
पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण के लिए सख्त सुरक्षा मानक निर्धारित होते हैं। ऐसे में हादसे के बाद संबंधित विभागों द्वारा फैक्ट्री के दस्तावेज, लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की जांच किए जाने की संभावना है।
जांच में यह देखा जाएगा कि विस्फोटक सामग्री कितनी मात्रा में रखी गई थी, उसके भंडारण की व्यवस्था क्या थी और आग या अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए फैक्ट्री में पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मृतकों की पहचान और नुकसान का आकलन जारी
प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही आसपास के मकानों और संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
फिलहाल पूरा ध्यान राहत-बचाव कार्य पर केंद्रित है। मलबा पूरी तरह हटने और अधिकारियों की विस्तृत जांच के बाद ही घटना में हुए वास्तविक नुकसान, विस्फोट के कारण और फैक्ट्री से संबंधित अन्य परिस्थितियों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
यह एक विकसित होती खबर है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के साथ मृतकों और घायलों की संख्या तथा हादसे से जुड़े अन्य विवरणों में बदलाव संभव है।
