अखिलेश यादव के सौतेले भाई Prateek यादव का निधन, सियासी और सामाजिक जगत में शोक की लहर
उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई Prateek यादव का निधन हो गया है। वह 46 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से यादव परिवार समेत पूरे राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6 बजे उन्हें अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। फिलहाल उनकी मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है और पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
बीमारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थीं। हालांकि, वे किस बीमारी से पीड़ित थे, इस बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि वे हाल ही में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भी भर्ती रहे थे और करीब एक सप्ताह तक इलाज चल रहा था। इसके बावजूद उनकी तबीयत में पूरी तरह सुधार नहीं हो सका। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे प्रतीक यादव
Prateek यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे। हालांकि वे राजनीति से दूर रहते थे और सक्रिय राजनीतिक जीवन में कभी शामिल नहीं हुए।
उनकी पहचान एक निजी और सामाजिक व्यक्ति के रूप में अधिक थी। वे अपने बड़े भाई अखिलेश यादव से अलग जीवन जीते थे और सार्वजनिक राजनीति से दूरी बनाए रखते थे। इसके बावजूद उनका नाम अक्सर यादव परिवार के कारण चर्चा में रहता था।
अपर्णा यादव से विवाह और राजनीतिक संबंध
Prateek यादव की पत्नी अपर्णा यादव भाजपा की सक्रिय नेता हैं। वे हाल के वर्षों में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई थीं और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
प्रतीक और अपर्णा के रिश्तों को लेकर पिछले कुछ समय में अनबन और मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं, हालांकि बाद में दोनों के बीच सुलह और साथ की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर देखी गईं। एक समय पर अपर्णा ने इंस्टाग्राम पर प्रतीक के साथ तस्वीर साझा करते हुए ‘All is well’ जैसा संदेश भी लिखा था, जिससे उनके संबंधों में सुधार के संकेत मिले थे।
शिक्षा और व्यवसायिक जीवन
Prateek यादव ने अपनी शुरुआती पढ़ाई भारत में की और आगे की शिक्षा के लिए विदेश गए। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी।
व्यवसायिक रूप से वे लखनऊ में ‘फिटनेस प्लैनेट’ नामक जिम के मालिक थे। इसके अलावा वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। उन्होंने ‘जीव आश्रय’ नाम की एक संस्था भी शुरू की थी, जो मुख्य रूप से सड़क पर रहने वाले आवारा कुत्तों के इलाज, देखभाल, भोजन और रेस्क्यू के लिए काम करती थी।
फिटनेस और पशु सेवा के प्रति उनकी गहरी रुचि थी। उन्हें एक फिटनेस-फ्रेंडली और सामाजिक रूप से जागरूक व्यक्ति के रूप में जाना जाता था।
अचानक निधन से परिवार और समर्थकों में शोक
Prateek यादव के अचानक निधन की खबर मिलते ही यादव परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।
हालांकि वे राजनीति में सक्रिय नहीं थे, लेकिन उनका संबंध एक बड़े राजनीतिक परिवार से होने के कारण उनकी मृत्यु की खबर को व्यापक रूप से देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
अभी तक उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारण का पता चल पाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक कार्डियक अरेस्ट या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं इस तरह के मामलों में कारण हो सकती हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
Prateek यादव के निधन की खबर के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी शोक का माहौल है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है।
भले ही वे राजनीति से दूर थे, लेकिन यादव परिवार से संबंध होने के कारण उनकी मृत्यु को एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
Prateek यादव का अचानक निधन न केवल यादव परिवार बल्कि पूरे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए एक दुखद घटना है। 46 वर्ष की उम्र में उनका इस तरह जाना कई सवाल छोड़ गया है, जिनका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मिल सकेगा।
फिलहाल पूरा परिवार शोक में है और समर्थक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
