लोड शेडिंग से बिजली कटौती पर सारंगपुर में नाराजगी, 17 अक्टूबर तक सुधार का आश्वासन
सारंगपुर। सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में लोड मैनेजमेंट के नाम पर हो रही अघोषित बिजली कटौती से नागरिक परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सुबह से देर रात तक कई घंटों तक बिजली गुल रहने से घरेलू कामकाज, जलापूर्ति, पढ़ाई, व्यापार और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। समस्या को लेकर बुधवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर डॉ. गिरिश मिश्रा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने विद्युत व्यवस्था में 17 अक्टूबर तक सुधार का आश्वासन दिया।
बिजली कटौती से दैनिक जीवन प्रभावित
ग्रामीणों और कस्बाई क्षेत्र के नागरिकों के अनुसार, बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होने से लोगों को रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही है। बिजली गुल रहने के कारण कई क्षेत्रों में जलापूर्ति भी प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने के साथ छोटे कारोबारियों और कुटीर उद्योगों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने भी सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने की शिकायत की है।
नागरिकों का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों से बार-बार समस्या बताने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। लोड मैनेजमेंट के नाम पर की जा रही कटौती का समय तय नहीं होने से लोगों को यह भी पता नहीं चल पाता कि बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
बिजली कटौती से परेशान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रमोद सदानी और वरिष्ठ समाजसेवी प्रदीप सादानी के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर डॉ. गिरिश मिश्रा को क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति से अवगत कराया और अघोषित कटौती पर रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपते हुए प्रदीप सादानी ने बताया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति से कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों की परीक्षा नजदीक होने के कारण पढ़ाई में परेशानी आ रही है, वहीं व्यापारियों और कुटीर उद्योगों का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से फसलों पर असर पड़ने की आशंका है।
प्रतिनिधिमंडल में कैलाश पाजूत, अखिलेश राठी और राधेश्याम वर्मा सहित स्थानीय नागरिक और व्यापारी शामिल रहे। सदस्यों ने कहा कि यदि बिजली कटौती पर जल्द रोक नहीं लगी और नियमित आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो नागरिकों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
17 अक्टूबर तक व्यवस्था सुधारने का भरोसा
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि 17 अक्टूबर तक विद्युत व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और अघोषित कटौती पर अंकुश लगाने के प्रयास किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि तय समय-सीमा में व्यवस्था सामान्य नहीं हुई, तो वे जनता के हित में आंदोलन करेंगे।
कांग्रेस भी आज सौंपेगी ज्ञापन
लोड मैनेजमेंट के नाम पर हो रही बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेस ने भी ज्ञापन देने की घोषणा की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसडीएम सारंगपुर जय सोलंकी को राज्यपाल और शासन के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता लखन धनगर के अनुसार, सारंगपुर विधानसभा सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रहने से आम नागरिक, गृहणियां, व्यापारी और किसान परेशान हैं।
कांग्रेस का कहना है कि सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसानों की फसलों पर असर पड़ रहा है और रात में बिजली गुल रहने से ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पार्टी ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने और अघोषित कटौती रोकने की मांग उठाई है। क्षेत्रवासियों की नजर अब 17 अक्टूबर तक होने वाले सुधार पर है।
