राहुल गांधी के थाने में धरने पर सियासी घमासान, BJP ने बताया ‘नौटंकी’; पैलेट गन मामले में FIR की मांग पर अड़े कांग्रेस नेता
गिरिराज सिंह, रविशंकर प्रसाद और जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना; कांग्रेस नेता ने पैलेट गन के इस्तेमाल और घायल युवक के मामले में उठाए सवाल
नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिल्ली के संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक ‘नौटंकी’ और प्रचार हासिल करने की कोशिश करार दिया है। दूसरी ओर राहुल गांधी पैलेट गन से कथित तौर पर घायल युवक के मामले में एफआईआर और जांच से जुड़ी जानकारी की मांग पर अड़े हुए हैं।
राहुल गांधी शुक्रवार को पैलेट गन से कथित रूप से घायल युवक साहिल और उसकी मां के साथ नई दिल्ली स्थित डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले में एफआईआर दर्ज करने और जांच अधिकारी के बारे में जानकारी देने की मांग की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और राहुल गांधी के बीच बहस होने की बात सामने आई। इसके बाद राहुल गांधी संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठ गए।
गिरिराज सिंह ने धरने को बताया ‘नौटंकी’
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के धरने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाया कि जब मामले में न्यायिक स्तर पर प्रक्रिया चल रही है, तब राहुल गांधी का पुलिस कार्यालय और थाने पहुंचना राजनीतिक प्रदर्शन है।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के कदम को ‘नौटंकी’ करार देते हुए कहा कि देश के लोग उनकी राजनीति को समझते हैं। उनका कहना था कि यदि संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी कदम उठाए जा रहे हैं तो इस तरह के प्रदर्शन का औचित्य नहीं है।
गिरिराज सिंह की टिप्पणी के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो गई।
रविशंकर प्रसाद ने लगाए ‘अराजक राजनीति’ के आरोप
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी राहुल गांधी के धरने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बिना पूर्व सूचना अथवा अनुमति के संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठ गए।
रविशंकर प्रसाद के मुताबिक पुलिस की ओर से राहुल गांधी को बताया गया कि संबंधित घटनाक्रम को लेकर पहले से एफआईआर दर्ज है और जांच चल रही है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाई-पावर्ड कमेटी बनाए जाने का भी उल्लेख किया।
भाजपा सांसद ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे नेता को कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।
जेपी नड्डा ने भी राहुल गांधी पर साधा निशाना
भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने भी राहुल गांधी के धरने पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी का यह कदम वास्तविक समस्या के समाधान के बजाय राजनीतिक प्रचार हासिल करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
भाजपा की ओर से राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों के बीच कांग्रेस पूरे मामले को घायल युवक को न्याय दिलाने और पुलिस की जवाबदेही से जोड़ रही है। इससे पैलेट गन के कथित इस्तेमाल का मुद्दा अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है।
राहुल गांधी ने पैलेट गन के इस्तेमाल का किया दावा
दूसरी ओर राहुल गांधी ने दावा किया है कि 20 जुलाई की घटना में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। उनके अनुसार इससे जुड़े चिकित्सकीय प्रमाण और रिपोर्ट मौजूद हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि साहिल के शरीर और आंख में छर्रे पाए गए हैं और उसकी एक आंख की रोशनी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि शरीर में कुछ छर्रे ऐसी जगह मौजूद हैं, जहां उन्हें निकालना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
ये दावे राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से किए गए हैं। मामले में पैलेट गन के इस्तेमाल और घटना की परिस्थितियों को लेकर पुलिस तथा राजनीतिक पक्षों के दावों में अंतर दिखाई दे रहा है।
पुलिस के रुख पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस के रुख पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस पैलेट गन चलाने की बात से इनकार कर रही है, जबकि घायल युवक की मेडिकल स्थिति कथित तौर पर इसके इस्तेमाल की ओर इशारा करती है।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान उन्हें एफआईआर को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कांग्रेस की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था या नहीं और यदि हुआ तो इसके लिए जिम्मेदार कौन था।
कांग्रेस और BJP आमने-सामने
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और भाजपा एक बार फिर आमने-सामने हैं। कांग्रेस जहां इसे नागरिक अधिकार, पुलिस कार्रवाई और घायल युवक को न्याय दिलाने का मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा इसे राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति और प्रचार की कोशिश के रूप में पेश कर रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि जब मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है तो राजनीतिक धरना उचित नहीं है। वहीं कांग्रेस का तर्क है कि यदि एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है तो जिम्मेदारी तय होना और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
पैलेट गन विवाद पर बढ़ा राजनीतिक तापमान
दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम ने पैलेट गन के कथित इस्तेमाल से जुड़े विवाद को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने में धरने और भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
फिलहाल एक तरफ कांग्रेस मामले में एफआईआर, जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, जबकि दूसरी तरफ भाजपा राहुल गांधी के विरोध के तरीके पर सवाल उठा रही है। मामले में वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण आधिकारिक जांच एवं संबंधित कानूनी प्रक्रिया से ही होगा।
