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पल्स Polio अभियान का सफल समापन, 2675 बच्चों को पिलाई गई जीवनरक्षक खुराक

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Published On: 30 June 2026
Polio

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पल्स पोलियो अभियान का सफल समापन, 2675 बच्चों को पिलाई गई जीवनरक्षक खुराक

झकनावदा में तीन दिवसीय राष्ट्रीय अभियान का समापन

झकनावदा। बच्चों को Polio जैसी गंभीर, जानलेवा और स्थायी दिव्यांगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झकनावदा द्वारा संचालित तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का मंगलवार, 30 जून को सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग की व्यापक योजना का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य हर बच्चे तक पोलियो रोधी दवा पहुंचाना और समाज को इस बीमारी के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित करना है।

अभियान के अंतिम दिन तक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लगातार सक्रिय रहकर घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया और निर्धारित पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई।

अभियान की शुरुआत और व्यापक तैयारी

यह विशेष अभियान 28 जून से प्रारंभ हुआ था। शुरुआत से ही स्वास्थ्य विभाग ने इसे एक मिशन के रूप में लिया और सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों और बस्तियों में पहले ही माइक्रो प्लान तैयार किया गया, ताकि कोई भी बच्चा छूट न जाए।

अभियान के लिए पोलियो बूथों की स्थापना स्कूलों, आंगनवाड़ियों, पंचायत भवनों और सामुदायिक स्थानों पर की गई। इसके साथ ही मोबाइल टीमें भी बनाई गईं, जो दूरस्थ क्षेत्रों और कमजोर पहुंच वाले इलाकों में जाकर बच्चों को दवा पिलाने का कार्य कर रही थीं।

स्वास्थ्य विभाग और मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. शोभित शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों तथा अन्य मैदानी अमले ने सक्रिय भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि सभी टीमों ने आपसी समन्वय के साथ काम किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि अधिकतम बच्चों तक पहुंच बनाई जाए। टीमों ने घर-घर जाकर न केवल बच्चों को दवा पिलाई, बल्कि अभिभावकों को भी पोलियो के प्रति जागरूक किया।

डॉ. शोभित शुक्ला का बयान

डॉ. शोभित शुक्ला ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 2675 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। उन्होंने कहा कि यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अभियान को सफलतापूर्वक लागू किया गया।

उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। इसके साथ ही क्षेत्र को पोलियो मुक्त बनाए रखने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

डॉ. शुक्ला ने यह भी कहा कि पोलियो जैसी बीमारी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार समय पर टीकाकरण है, और इसी कारण इस तरह के अभियान बार-बार चलाए जाते हैं ताकि नई पीढ़ी पूरी तरह सुरक्षित रह सके।

घर-घर पहुंची स्वास्थ्य टीमें

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने केवल बूथों तक सीमित न रहते हुए घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां लोग बूथ तक नहीं पहुंच पाते, वहां टीमों ने स्वयं जाकर सेवाएं दीं।

इससे यह सुनिश्चित हुआ कि कोई भी बच्चा छूट न जाए। टीमों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी अपना कार्य जारी रखा और दूरस्थ गांवों तक पहुंच बनाई।

जनसहभागिता और सामुदायिक सहयोग

इस अभियान की सफलता में जनसहभागिता भी एक महत्वपूर्ण कारण रही। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग किया और अपने बच्चों को बूथों तक लाकर पोलियो की खुराक दिलाई।

इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों ने भी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अभिभावकों से अपील

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों में भाग लें।

डॉ. शोभित शुक्ला ने कहा कि केवल एक अभियान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि बच्चों के सम्पूर्ण टीकाकरण चक्र को पूरा करना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पोलियो उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

पल्स पोलियो अभियान भारत में पोलियो उन्मूलन की दिशा में चलाया जा रहा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इस अभियान का उद्देश्य देश के हर बच्चे को पोलियो से बचाना और इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त करना है।

भारत पहले ही पोलियो मुक्त देशों की सूची में शामिल हो चुका है, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए नियमित अभियान चलाए जाते हैं।

स्थानीय स्तर पर प्रभाव

झकनावदा क्षेत्र में इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव देखा गया। लोगों में जागरूकता बढ़ी है और अभिभावक अब अपने बच्चों के टीकाकरण को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं।

स्वास्थ्य केंद्र द्वारा किए गए इस प्रयास ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास भी बढ़ाया है।

स्वास्थ्य विभाग का आभार प्रदर्शन

अभियान के सफल समापन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इसमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का विशेष योगदान रहा।

विभाग ने कहा कि सभी के सहयोग से ही यह अभियान सफल हो सका और 2675 बच्चों तक जीवनरक्षक दवा पहुंचाई जा सकी।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, झकनावदा में संचालित यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान एक सफल और प्रभावी स्वास्थ्य कार्यक्रम साबित हुआ। 2675 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर न केवल उन्हें सुरक्षित किया गया, बल्कि क्षेत्र को पोलियो मुक्त बनाए रखने की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाया गया।

यह अभियान इस बात का उदाहरण है कि यदि स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और जनता मिलकर कार्य करें, तो किसी भी बड़े स्वास्थ्य लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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