प्रधानमंत्री मोदी की पहल से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के संबंध हुए मजबूत, नदियों का किया गया जोड़
भोपाल, मध्य प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी की सलाह और दृष्टि ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के आपसी संबंधों को मजबूती प्रदान की।
सीएम मोहन यादव ने एक वीडियो संदेश में कहा,
“जब मेरी भेंट आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से हुई, तब उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश ‘नदियों का मायका’ है। इसी आधार पर पड़ोसी राज्यों के साथ संबंधों में सौहार्द बनाए रखना आवश्यक है। इस सोच के चलते केन-बेतवा और पार्वती–कालीसिंध–चंबल जैसी परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ, जिसने लाखों लोगों के जीवन को संवारने में मदद की। प्रधानमंत्री जी की इस संवेदनशील दृष्टि को मैं नमन करता हूं।”
सीएम ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच और मार्गदर्शन से ही मध्य प्रदेश में लगभग एक लाख करोड़ रुपए की केन-बेतवा लिंक परियोजना की शुरुआत संभव हुई। इस परियोजना ने न केवल नदियों को जोड़कर जल संकट से राहत दी, बल्कि पड़ोसी राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय की एक नई मिसाल भी पेश की।
विशेष रूप से, केन-बेतवा लिंक परियोजना जल संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण और सिंचाई के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही पार्वती–कालीसिंध–चंबल परियोजना ने भी जल संरक्षण और बहुउद्देशीय उपयोग के क्षेत्र में प्रदेश को नई दिशा दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) के अवसर पर भाजपा पूरे देश में ‘सेवा पखवाड़ा’ मना रही है, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अपने व्यक्तिगत अनुभव और पीएम मोदी के प्रेरक किस्से #MYMODISTORY के माध्यम से सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
सीएम मोहन यादव के अनुसार, यह पहल न केवल जल प्रबंधन में क्रांति ला रही है बल्कि पड़ोसी राज्यों के साथ सामूहिक विकास और सौहार्द की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।


