प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपनी कलाई पर पहनी ‘रोमन बाघ’ घड़ी की वजह से चर्चा में हैं। यह घड़ी जयपुर वॉच कंपनी द्वारा तैयार की गई है और इसके डायल में 1947 का दुर्लभ एक रुपये का असली सिक्का लगा हुआ है। यह वही सिक्का है, जिसे ब्रिटिश शासन में ढाला गया आखिरी भारतीय सिक्का माना जाता है।
घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे स्वतंत्रता, भारतीयता और स्वदेशी गर्व का प्रतीक माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी हमेशा अपने पहनावे और एक्सेसरीज़ में देशभक्ति और स्वदेशी उत्पादों को महत्व देते रहे हैं। ‘रोमन बाघ’ घड़ी भी इसी दृष्टिकोण का हिस्सा है, जो देश के इतिहास और आज़ादी की भावना को रोजमर्रा की जिंदगी में व्यक्त करती है।

इस घड़ी का डिज़ाइन और ऐतिहासिक महत्व इसे सिर्फ एक साधारण घड़ी नहीं, बल्कि एक संग्रहणीय वस्तु बनाते हैं। 1947 के सिक्के के साथ, यह घड़ी उन लम्हों की याद दिलाती है जब भारत आज़ाद हुआ और ब्रिटिश शासन का अंत हुआ। इस दृष्टि से यह घड़ी प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पर सिर्फ समय बताने का उपकरण नहीं, बल्कि देशभक्ति का प्रतीक और प्रेरणा स्रोत भी है।
विशेषज्ञों और घड़ी प्रेमियों के अनुसार, ‘रोमन बाघ’ घड़ी की कीमत और डिज़ाइन दोनों ही इसे प्रीमियम और अनोखा बनाते हैं। इसे पहनने वाले के व्यक्तित्व और उनके संदेश को भी बढ़ावा मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसे पहना जाना न केवल स्टाइल स्टेटमेंट है, बल्कि यह स्वदेशी उत्पादों और भारतीय इतिहास के महत्व को भी दर्शाता है।

